स्थानीय लोगों ने बताया कि स्थिति इतनी खराब है कि सड़क के बनते-बनते ही नगर निगम को अब तक दो से तीन बार पैचवर्क कराना पड़ चुका है। लोगों का आरोप है कि घटिया निर्माण सामग्री, खराब गुणवत्ता से नाराज स्थानीय लोगों ने जब इस पर सवाल उठाए तो ठेकेदार ने खुद को एक रसूखदार मंत्री का परिचित बताकर उन पर धौंस जमाना शुरू कर दिया।
बताया गया कि नगर निगम ने इस सड़क के निर्माण का ठेका 55 लाख रुपये की लागत से एक निजी कंपनी को दिया है। पिछले करीब एक महीने से ठेकेदार द्वारा यहां निर्माण कार्य कराया जा रहा है। लोगों के अनुसार मानक विहीन और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किए जाने के कारण जब भी वह विरोध दर्ज कराते हैं ठेकेदार काम रुकवा देता है। यह सिलसिला पिछले 15 दिनों से लगातार जारी है।
निर्माण कार्य रुकने की जानकारी लगने पर वार्ड-3 के पार्षद अरुण मचल अपने कार्यकर्ताओं के साथ रात में ही मौके पर पहुंचे और दोबारा काम शुरू करा दिया। पार्षद का कहना है कि ब्रह्मपुरी में निर्माण कार्य हो चुका है, अब उनके वार्ड में सड़क निर्माण रुकवा दिया गया। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। घटिया सड़क बन रही थी तो कांग्रेस नेता को अपने वार्ड में निर्माण कार्य रुकवाना चाहिए था।
विकास कार्यों और सड़क की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बिलकुल नहीं किया जाएगा। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में सड़क निर्माण की मिल रही शिकायतों का संज्ञान ले लिया गया है। इस मामले की गहनता से जांच कराने के लिए निर्माण विभाग के अवर अभियंता (जेई) को मौके पर भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक और सख्त कदम उठाए जाएंगे। - साैरभ गंगवार, नगर आयुक्त