आंदोलन जारी रखने का ऐलान
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मकान और व्यापार उनके परिवारों की आजीविका से जुड़े हैं। कार्रवाई होने की स्थिति में उनके सामने बड़ा आर्थिक और आवासीय संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान विभिन्न संगठनों और प्रभावित लोगों की मौजूदगी रही।
लखनऊ से लौटी महिलाओं ने बताया- सरकार ने दिया भरोसा
शास्त्रीनगर सेक्टर-2, स्कीम-7 की महिलाओं ने बुधवार को धरनास्थल पर पत्रकारों से बातचीत में लखनऊ में हुई मुलाकात की जानकारी दी। राधा गुप्ता, रुपाली शर्मा, शालू शर्मा, जगरोशनी और शीतल पूजानी ने बताया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ गई थीं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात की।
नई आवास नीति के तहत राहत की उम्मीद
महिलाओं के अनुसार, उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्रीनगर में कार्रवाई को लेकर सरकार गंभीर है और नई आवास नीति के तहत छोटे भूखंड वाले परिवारों को राहत देने पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मामले को मंत्रिपरिषद के सामने रखकर स्थायी निर्णय लेने की दिशा में भी प्रयास चल रहा है। महिलाओं का कहना है कि इससे प्रभावित परिवारों को उम्मीद जगी है कि उनके मकानों के लिए कोई रास्ता निकलेगा।
महिलाएं बोलीं- भरोसा करने के अलावा क्या कर सकते हैं
एक सवाल के जवाब में महिलाओं ने कहा कि उन्हें सरकार के आश्वासनों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि भरोसा करने के अलावा उनके पास फिलहाल कोई और रास्ता भी नहीं है। महिलाओं ने उम्मीद जताई कि सरकार प्रभावित परिवारों के हित में समाधान जरूर निकालेगी।
शास्त्रीनगर का सर्वे करा रही टीम
महिलाओं ने बताया कि उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के आवास आयुक्त अनिल ढींगरा ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उनके अनुसार, शास्त्रीनगर में सर्वे के लिए अधिकारियों की टीम लगाई गई है और सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे का रास्ता निकाला जाएगा। महिलाओं ने कहा कि अब उनकी नजर सरकार के अगले फैसले पर है।