भू-माफियाओं पर कार्रवाई की मांग
अतुल प्रधान ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा हुआ है तो संबंधित लोगों और भू-माफियाओं के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाने चाहिए।
तीन दिन का दिया अल्टीमेटम
विधायक ने प्रशासन को तीन दिन का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो तहसील परिसर में बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की भावनाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती और जनहित के मुद्दे पर संघर्ष जारी रहेगा।
कस्बावासियों ने भी जताया आक्रोश
इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी विधायक के साथ तहसील पहुंचे। लोगों ने नगर पालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही तथा मिलीभगत के आरोप लगाए। स्थानीय लोगों का कहना था कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अवैध निर्माण को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
एसडीएम ने जांच का दिया आश्वासन
एसडीएम ने विधायक और नागरिकों की शिकायतें सुनने के बाद मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कई दिनों से चर्चा में है मामला
तालाब की भूमि पर कब्जे का यह मामला पिछले कई दिनों से क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिक लगातार प्रशासन से हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।