मथुरा। नये साल में मथुरा-वृंदावन के यातायात में सुधार के लिए कवायद शुरू हो चुकी है। इस बार केवल यातायात पुलिस ही नहीं बल्कि मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और एनएचएआई के साथ मिलकर वृहद प्लान तैयार किया गया है। पहले चरण में बेलगाम ई-रिक्शा और ऑटो के संचालन को सुचारू बनाने की दिशा में काम शुरू किया गया है। मथुरा-वृंदावन में प्रतिदिन 50 हजार से ज्यादा पर्यटक पहुंचते हैं। सप्ताहांत में यह संख्या बढ़कर करीब एक लाख हो जाती है। कई दफा तो कई लाख श्रद्धालु एक ही दिन में मथुरा और वृंदावन पहुंचते हैं। ऐसे में जाम की समस्या यहां स्थायी बन चुकी है। स्कूली वाहनों से लेकर एंबुलेंस तक फंसी रह जाती हैं। एंबुलेंस निकालने के लिए कोई ग्रीन कॉरिडोर तक नहीं बन पाता है। इन्हीं समस्याओं से निजात के लिए प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है। इसमें सभी प्रमुख विभागों को शामिल किया है।
नगर निगम प्रमुख बाजार और चौराहों पर अतिक्रमण चिह्नित करके उन्हें हटवाएगा। इसके साथ ही जहां रोड इंजीनियरिंग की समस्या है, उसे लोक निर्माण विभाग और नगर निगम के इंजीनियर दूर करेंगे। गुजरात के विश्वविद्यालय की टीम ट्रैफिक मैनेजमेंट में सुधार के लिए यहां आकर स्टडी करके प्लान तैयार करेगी। इसके लिए प्रशासन की टीम ने गुजरात के विवि की टीम से मदद मांगी है। इसके अलावा ऑटो-ई-रिक्शा निर्धारित रूटों पर ही संचालित होंगे। इसके लिए उनके पंजीकरण किए जा रहे हैं। तिपहिया वाहन पर्यटकों से मनमाना किराया भी नहीं वसूल सकेंगे। हर रूट पर किराया भी निर्धारित कर दिया गया है। इसके लिए नगर निगम में पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है।
एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि जाम वाले चौराहों को चिह्नित करके उन पर सप्ताहांत रोजाना से ज्यादा ट्रैफिक कर्मी तैनात किए जा रहे हैं। इसके साथ ही वैकल्पिक मार्गों की ओर भारी वाहनों को डायवर्ट करके निकाला जाता है। इसके अलावा प्रमुख स्थलों जैसे बांकेबिहारी मंदिर मार्ग पर बैरियर लगाकर वाहनों का प्रवेश रोका जाता है। नए पार्किंग स्थल भी विकसित किए जा रहे हैं, ताकि इन पार्किंग स्थलों में पर्यटकों के वाहनों को पार्क कराया जा सके।
पुराने बस स्टैंड से होली गेट, आर्य समाज रोड से कृष्णापुरी तक मॉडल रोड बनाए जा रहे हैं। इनके दोनों ओर पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तैयार किए जा रहे हैं। दुकानों के सामने से अतिक्रमण हटवाए गए हैं। इससे शहर के अंदरुनी हिस्सों में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। एसएसपी ने बताया कि नये साल में शहर से लेकर वृंदावन तक यातायात में व्यापक सुधार दिखाई देगा। इसका कार्य लगातार चल रहा है। एनएचएआई से भी सहयोग लिया गया है। नरहौली और गोवर्धन चौराहों के आसपास सुधार की कवायद भी की जा रही है।
श्रीबांकेबिहारी का कॉरिडोर व अन्य
मंदिरों के आसपास भी भीड़ प्रबंधन
मथुरा। श्री बांकेबिहारी मंदिर में दर्शनार्थियों को सुलभ दर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम शुरू हो चुका है। कॉरिडोर योजना के साथ ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर्ड कमेटी के पदाधिकारी इसके लिए प्रयासरत हैं। मंदिर में सुलभ दर्शन के लिए स्टील की रेलिंग लगेगी। इसके अलावा भी अन्य कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं इस्कॉन, चारधाम, जन्मभूमि, द्वारिकाधीश जैसे मंदिरों में भी दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए कई कदम उठा
आ जा रहे हैं। विशेष दिनों पर अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया जा रहा है।