पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने आह्वान किया कि चारधाम मंदिर पर इतनी विशाल संख्या में जुटकर जयकारे लगाएं कि मथुरा में उनके जो पत्थर लगे हैं, वो हिल जाएं। साथ ही कहा कि हम 12 बजे चारधाम पर खड़े होंगे तो धर्म विरोधी लोगों की शक्ल पर भी 12 बजे होंगे।
मथुरा के चौमुहां में सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा के नौवें दिन, अकबरपुर में आयोजित धर्मसभा में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने अपने उद्बोधन से ब्रजवासियों में जोश भर दिया। उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए बांकेबिहारी हम आएंगे, मथुरा में मंदिर बनाएंगे का जयघोष किया। उनके इस बयान को श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद में मंदिर निर्माण के लिए एक स्पष्ट और मुखर आह्वान के तौर पर देखा जा रहा है।
विज्ञापन
धीरेंद्र शास्त्री ने सनातन धर्म की एकजुटता पर बल देते हुए अप्रत्यक्ष रूप से विरोधी पक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने ब्रजवासियों से आह्वान किया कि वे चारधाम मंदिर पर इतनी विशाल संख्या में जुटकर जयकारे लगाएं कि मथुरा में उनके जो पत्थर लगे हैं, वो हिल जाएं। साथ ही कहा कि हम 12 बजे चारधाम पर खड़े होंगे तो धर्म विरोधी लोगों की शक्ल पर भी 12 बजे होंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के कारण उत्पन्न हुई कुछ अव्यवस्थाओं के लिए पीठाधीश्वर ने स्वयं मंच से ब्रजवासियों से क्षमा याचना की। उन्होंने कहा कि यह अव्यवस्था जानबूझकर नहीं हुई है, बल्कि सुरक्षा कारणों से हुई है।
विज्ञापन
धीरेंद्र शास्त्री के जोशीले उद्बोधन ने श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ा दी। पूरा पंडाल जय श्री राम, जय बागेश्वर धाम के गगनभेदी नारों से गूंज उठा, जिससे पदयात्रा के दौरान सनातन एकता का संदेश और भी प्रबल हो गया। जयकारों के बाद पदयात्रा में सम्मिलित श्रृद्धालुओं में एक अलग जी जोश दिख रहा था।