चांदी की पालकी में मोहिनी स्वरूप में विराजमान भगवान रंगनाथ को भ्रमण कराते भक्तजन।
वृंदावन। श्री रंगनाथ मंदिर में चल रहे ब्रह्मोत्सव के पांचवें दिन भगवान रंगनाथ ने मोहिनी स्वरूप धारण किया। चांदी जड़ित पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन दिए। मंदिर और बगीचे में भ्रमण किया। भक्तों ने उनका आरती उतारकर एवं पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
श्री रामानुज संप्रदाय के प्रमुख श्रीरंग मंदिर के गर्भगृह से स्वर्ण आभूषण से अलंकृत ठाकुरजी को चांदी से जड़ित पालकी में विराजित कर कुंभ आरती उतारी गई। बैंड बाजे और दक्षिण भारतीय वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि के साथ सवारी श्री वैष्णव संप्रदाय के प्रमुख स्थलों, मंदिरों में होते हुए रंगजी के बड़ा बगीचा पहुंची। यहां कुछ समय विश्राम के बाद ठाकुरजी की सवारी श्री वैष्णव संप्रदाय से जुड़े मंदिर देवालयों में पहुंची। मान्यता है कि भगवान के मोहिनी रूप के दर्शन मात्र से भक्त मोह माया से विरक्त होकर प्रभु भक्ति में लीन हो जाते हैं।