कथा श्रवण करती पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू।
भक्ति के बिना ज्ञान अधूरा है : कैलाशानंद
फरह। महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि भक्ति के बिना ज्ञान अधूरा है। केवल ज्ञान से परमात्मा नहीं मिल सकते। परमात्मा की प्राप्ति के लिए ज्ञान के साथ भक्ति, श्रद्धा, समर्पण और विश्वास होना चाहिए। कलयुग में कथा के श्रवण से जीवन धन्य हो जाता है।
गो ग्राम परखम में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन रविवार को आचार्य ने कहा कि हमको बड़े भाग्य से 84 लाख योनियों को भोगने के बाद यह मानव शरीर मिला है। इस जीवन को ग्रंथ, शास्त्र और गो माता की सेवा में नहीं लगाया तो बेकार है। शिव ने पार्वती से विवाह के पश्चात सर्वप्रथम उन्हें रामकथा ही सुनाई थी। आचार्य ने कहा कि भगवान बिना प्रयोजन के अवतार नहीं लेते हैं। वह गाय, संत, ब्राह्मण के कल्याण के लिए अवतार लेते हैं। कथा में संत फूलडोल बिहारीदास, संत लाडली सरन, हरीशंकर दास, नवलगिरी महाराज, लाडलीदास महाराज, रामस्वरुप ब्रह्मचारी महाराज, रसिक मोहन, सुन्दरदास, हाई कोर्ट के जज प्रकाश पाड़िया, पूर्व कुलपति केएमएल पाठक आदि मौजूद रहे। संवाद