वृंदावन। केसी घाट पर नाव हादसे की जांच करने आई राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम ने नगर निगम को नदी और उसके आसपास सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। नाविकों का सहयोग लेते हुए बोटिंग ऑपरेशन जोन निर्धारित कर नदी किनारे नक्शा लगाने के साथ ही नावों में सुरक्षा के खास प्रबंध करने पर जोर दिया गया है। जांच समिति द्वारा दिए सुझावों पर नगर निगम सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार करेगा।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की छह सदस्यीय जांच टीम ने सोमवार को दो माह पूर्व हुए नाव हादसे की जांच करने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। जांच के बाद उन्होंने जरूरी सुरक्षा प्रबंध करने पर जोर दिय। टीम के सुझावों पर नगर निगम द्वारा नगर के सभी घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। नदी की गहराई और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए नावों के संचालन का क्षेत्र निर्धारित नहीं है। नाविकों के सहयोग से नदी की गहराई और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बोटल ऑपरेशन जोन घोषित किया जाएगा, जिसका बोर्ड नदी किनारे घाटों पर लगाया जाएगा, ताकि नाविकों के साथ यात्रियों को भी नदी में खतरे की जानकारी हो सके और नाविक निर्धारित सीमा में नाव का संचालन कर सकें।
इसके अलावा सभी नावों में टोइंग हुक, लंगर लगाने के साथ ही लाइफ रिंग प्रत्येक नाव में लगाई जाएगी। ताकि नाव डूबने की स्थिति में लाइफ रिंग को पकड़ कर लोग डूबने से बच सकें। इसके अलावा प्रत्येक घाट पर बूथ बनाए जाएंगे। इसमें नाविकों के सहयोग बचाव एवं निगरानी के लिए सुबह से शाम तक 4-4 लोग छह-छह घंटे की दो पालियों में तैनात रह सकें। इसके अलावा प्रवर्तन दल भी बनाया जाएगा। इस सुरक्षात्मक सुझावों पर नगर निगम द्वारा कार्य किया जाएगा। इस संबंध में एक अपर नगर आयुक्त से रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी है। अपर नगर आयुक्त सीपी पाठक ने बताया कि नदी में सुरक्षा के इंतजामों का विस्तारीकरण किया जाएगा। इसमें घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ ही नावों के संचालन के लिए एरिया निर्धारित कर बोर्ड लगाया जाएगा। इसके अलावा जन सहयोग से नावों पर निगरानी और नदी में डूबने से बचाने के लिए बूथ बनाए जाएंगे।