पुलवारा/ललितपुर। बार ब्लॉक मुख्यालय स्थित जल संस्थान में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में हद दर्जे की लापरवाही नजर आ रही है। सफाई न होने से जल शोधन संयंत्र में काई तैर रही है तो वहीं कचरा भी पड़ा हुआ है। यही नहीं, परिसर में लीकेज से बह रहा पानी भी जमा हो रहा है। इससे गंदगी बनी हुई है। वॉल्व के आसपास भी कचरा व दूषित पानी जमा है।
कस्बा बार स्थित जल संस्थान से तीन गांव के लिए पेयजल सप्लाई की जाती है। इसमें लगभग 650 जल संयोजन हैं, जो कस्बा बार, गैंदौरा, भैलोनी लोध में हैं। इन तीनों गांव में लगभग 3200 की आबादी को पानी मुहैया कराया जा रहा है लेकिन पेयजल आपूर्ति में मानकों की अनदेखी की जा रही है। जल शोधन संयंत्र की सफाई तक समय से नहीं की जा रही है। यही कारण है कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी के ऊपर काई तैर रही है।
टैंक खुले होने के चलते पानी में गिर रहे कचरे तक की सफाई नहीं की जा रही है। ऐसे में पानी की शुद्धता की स्थिति जानी जा सकती है। यही नहीं, परिसर में लीकेज हो रहे पानी की निकासी तक की व्यवस्था ठीक नहीं है। सफाई न होने से गंदगी व दुर्गंध आ रही है। घास तक लगी हुई है।
वॉल्व के आसपास पड़ी गंदगी व दूषित पानी
पंप हाउस परिसर में पेयजल सप्लाई के लिए वॉल्व लगाए गए हैं। इनमें कुछ के चैंबर बने हुए हैं तो कुछ खुले में ही लगे हुए हैं। वॉल्व के लीकेज से बह रहा पानी पास में ही जमा हो रहा है। सप्लाई बंद होने पर यह पानी पाइपलाइन में चला जाता है और आपूर्ति शुरू होने पर लोगों से घरों तक यही पानी पहुंचता है। ऐसे में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। यह हाल तीनों वॉल्व के पास बना हुआ है। इंदौर की घटना के बाद भी सफाई व्यवस्था पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
श्मशान घाट के पास लीकेज से बर्बाद हो रहा पानी
कस्बे में कई जगह पाइपलाइन की मरम्मत न होने से लीकेज के चलते पानी बर्बाद हो रहा है। इसमें श्मशान घाट के पास बड़ा लीकेज बना हुआ है। सप्लाई शुरू होते ही पानी बहना शुरू हो जाता है। इससे आसपास अधिक पानी जमा हो गया है।
वर्जन
बार में जल संस्थान परिसर में सफाई व्यवस्था ठीक न होने की जानकारी हुई है। जल्द ही समस्या को दूर किया जाएगा। - मुंशीलाल, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान