तमकुहीरोड। सेवरही थाना क्षेत्र के धुरियाकोट गांव में बृहस्पतिवार को सुबह हादसे ने झकझोर दिया। मोबाइल पर बात में व्यस्त मां की चूक से एक साल के मासूम की गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
चक्करबाग टोला निवासी प्रेमसागर गौड़ की पत्नी सुबह करीब आठ बजे अपने एक वर्षीय बच्चे को गोद में खेला रही थी। इसी दौरान मोबाइल फोन पर कॉल आने पर बच्चे को नीचे उतार दिया और बातचीत में व्यस्त हो गई। उधर, मासूम रेंगते हुए घर से बाहर निकल गया और दरवाजे पर पानी निकासी के लिए खोदे गए गड्ढे में गिर गया। कुछ देर बाद पड़ोसियों की नजर बच्चे पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाया। परिजन बच्चे को निकालकर सीएचसी तमकुहीराज ले गए। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। बिना पुलिस को सूचना दिए परिजनों ने शव को दफना दिया। थानाध्यक्ष विनय सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी बाद में हुई। परिजनों ने शव को दफना दिया है। दरवाजे पर खोदे गए गड्ढे में मासूम डूब गया। ऐसी जानकारी परिजनों ने दी है।
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लापरवाही या लत...एक पल की अनदेखी बन रही जानलेवा
तमकुहीरोड। धुरियाकोट की घटना ने मोबाइल फोन के बढ़ते इस्तेमाल और उससे जुड़ी लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों के आसपास जरा सी असावधानी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ग्रामीणों के मुताबिक, घर के बाहर पानी निकासी के लिए खोदे गड्ढे अक्सर खुले रहते हैं, जो बच्चों के लिए खतरा बन जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि मोबाइल फोन पर अत्यधिक निर्भरता के कारण लोग आसपास की गतिविधियों से अनजान हो जाते हैं। यही वजह है कि कई बार छोटे-छोटे बच्चे नजरों से ओझल हो जाते हैं और हादसे का शिकार बनते हैं।इस घटना के बाद गांव में लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रहने की बात कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घर के आसपास बने गड्ढों को ढकना, पानी भरे स्थानों को सुरक्षित करना और बच्चों पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।