भीषण गर्मी और पानी की तलाश ने एक बेजुबान वन्य जीव को भटकाकर इंसानी बस्तियों तक ला दिया। शुक्रवार को सरसंवा स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय के पास एक हिरन घायल अवस्था में मिला, जिसे देखकर लोगों का दिल पसीज गया।
भीषण गर्मी और पानी की तलाश ने एक बेजुबान वन्य जीव को भटकाकर इंसानी बस्तियों तक ला दिया। शुक्रवार को सरसंवा स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय के पास एक हिरन घायल अवस्था में मिला, जिसे देखकर लोगों का दिल पसीज गया। एक नेक इंसान ने अपने लोडर में लादकर घायल हिरन को मंझनपुर पशु चिकित्सालय पहुंचाया। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हिरन को अपने संरक्षण में लेकर तत्काल उपचार शुरू कराया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हिरन काफी कमजोर और सहमा हुआ था।
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हालांकि इलाके के लोगों की तत्परता से उसकी जान बचने की उम्मीद जगी है। वहीं दूसरी ओर मंझनपुर रेंज के फारेस्ट रेंजर राज कैथवाल ने बताया कि इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी के चलते जंगलों में जलस्रोत सूख रहे हैं, जिससे वन्य जीव आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। आशंका है कि समीपवर्ती चित्रकूट या बांदा के जंगलों से पानी की तलाश में भटकते हुए यह हिरन यमुना किनारे पहुंचा और फिर रास्ता भटककर सरसावां लाके में आ गया।
संरक्षित प्रजाति होने के कारण हिरन को किसी भी व्यक्ति द्वारा रखना या नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है। वन विभाग की टीम उसकी लगातार निगरानी कर रही है। रेंजर ने बताया कि इलाज के बाद जैसे ही हिरन पूरी तरह स्वस्थ होगा, उसे समिति की मौजूदगी में सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया जाएगा। यह घटना एक बार फिर संकेत दे रही है कि जंगलों में बढ़ती गर्मी और घटते जलस्रोत वन्य जीवों के लिए बड़ा संकट बनते जा रहे हैं।