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कार्तिक पूर्णिमा पर ठाकुरद्वारा-मकबरा विवाद फिर उभरा: महिलाएं रास्ते में ही करने लगीं आरती, पुलिस से भिड़ीं

Wed, 05 Nov 2025 08:29 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

Fatehpur News: कार्तिक पूर्णिमा पर ठाकुरद्वारा-मकबरा विवाद फिर उभरा। महिलाएं रास्ते में ही आरती करने लगीं। इस दौरान महिला नेतृत्वकर्ता की कोतवाल से नोकझोंक हो गई। 
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पुलिस से भिड़ीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महिलाओं ने देव दीपावली की शाम विवादित धार्मिक स्थल (मंदिर-मकबरा) के सामने पूजा पाठ किया। दीप जलाकर देवताओं की आरती की। इस दौरान महिलाएं विवादित धार्मिक स्थल की बैरिकेडिंग के बाहर गली में खड़ी रहीं। खबर पाकर भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे कोतवाल की महिलाओं से नोकझोंक और तीखी झड़प भी हुई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में अपशब्द भी बोले गए हैं। पुलिस ने महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी शुरू की है।

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शहर कोतवाली क्षेत्र के आबूनगर रेड्डया मोहल्ला स्थित विवादित धार्मिक स्थल पर पुलिस-प्रशासन की कड़ी निगरानी के बाद भी देव दीपावली की शाम काफी संख्या में महिलाएं पूजा पाठ की सामग्री लेकर मकबरा स्थल की बैरिकेडिंग तक पहुंच गई। पुलिस ने एक गली से हटाया तो दूसरी गली में पहुंच गईं। यहां खड़े होकर दूर से विवादित स्थल की ओर मुख कर देवताओं को याद किया। उनके गुणगान में आरती की। दीपक जलाकर देव दीपावली मनाई।

हालांकि वायरल वीडियो में आरती-पूजा के दौरान पुलिस भी सामने खड़ी दिखी। कुछ देर बाद कोतवाल तारकेश्वर राय पहुंचे। इस दौरान महिलाएं गली में वापस हो चुकी थीं। कोतवाल ने उन्हें हिदायत दी कि घरों के अंदर पूजा-पाठ करें। इस पर विरोध हो गया। महिलाओं का कहना था कि वह घरों के बाहर पूजा कर रही हैं। वे परपंरागत तरीके से पूजा करती आ रही हैं। कभी किसी ने नहीं रोका। कोतवाल तारकेश्वर राय ने बताया कि महिलाएं चारों ओर से पहुंची थी जो पूर्व के विवाद को हवा देने जैसा काम है। महिलाओं ने पुलिस से भी अभद्रता की है। अब महिलाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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ये है मामला
विवादित स्थल का मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में विचाराधीन है। इसकी तारीख 12 नवंबर को लगी है। मठ मंदिर संघर्ष समिति की ओर से सात अगस्त को जिला प्रशासन ने स्थल पर सफाई के लिए ज्ञापन सौंपा था। प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। हिंदू संगठनों की अपील पर 11 अगस्त को कर्पूरी ठाकुर चौराहे पर भारी भीड़ इकट्ठा हुई थी। भीड़ बैरिकेडिंग तोड़कर स्थल तक पहुंची थी। यहां तोड़फोड़ की गई थी। दो समुदाय आमने-सामने हो गए थे। मामले में बीजेपी नेता अभिषेक शुक्ला, आशीष त्रिवेदी, पप्पू सिंह चौहान, धर्मेंद्र सिंह जनसेवक, भाजयुमो नेता प्रसून तिवारी, सभासद रितिक पाल, विनय तिवारी, पुष्पराज पटेल, जिला पंचायत सदस्य रिंकू लोहारी, दलित समाज के नेता देवनाथ धाकड़े व 160 अन्य पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद से स्थल पर पीएसी कैंप कर रही है। स्थल पर अस्थायी पुलिस चौकी बनाई गई है। चारों तरफ से 15 फीट की जाली की बैरिकेडिंग भी कराई गई है।
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