1.37 लाख का बताया गया था बकाया, जांच में निकले 77 लाख
सोसाइटी के निवासियों ने बताया कि शुरुआती दिनों में RWA सोसाइटी के सचिव श्रीयश और अभय मिश्रा द्वारा उन्हें जानकारी दी गई थी कि बिजली विभाग का लगभग 1.37 लाख रुपये का बिल बकाया है, जिसे जल्द जमा कर दिया जाएगा। लेकिन जब कई दिनों तक बिजली बहाल नहीं हुई और मामले की अंदरूनी जांच कराई गई, तो बड़ा सच सामने आया। जांच में पता चला कि बकाया राशि 1.37 लाख रुपये नहीं, बल्कि लगभग 77 लाख रुपये से अधिक की है।
लाखों जमा करने के बाद भी अंधेरे में रहने को मजबूर लोग
77 लाख रुपये के भारी-भरकम बकाये की बात सामने आते ही सोसाइटी के निवासियों के होश उड़ गए। लोगों का आरोप है कि वे नियमित रूप से अपने बिजली बिल और मेंटेनेंस शुल्क का भुगतान RWA प्रबंधन को करते आ रहे हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी रकम का बकाया होना सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता और गबन की ओर इशारा करता है। कई दिनों से बिजली न होने के कारण भीषण गर्मी में बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सोसाइटी में लगातार जारी है हंगामा
बिजली कटने और लाखों रुपये के कथित घपले से आक्रोशित फ्लैट मालिकों ने RWA के जिम्मेदारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मौके पर लगातार विरोध प्रदर्शन और हंगामा जारी है। निवासियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ जल्द से जल्द सोसाइटी की बिजली बहाल कराने की मांग उठाई है।