भ्रष्टाचार के खिलाफ झांसी की एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को उरई तहसील में अब तक की सबसे बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने हदबंदी के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए कानूनगो संदीप तिवारी और उनके सहयोगी राजेंद्र श्रीवास्तव को रंगे हाथों दबोच लिया। इस दौरान तहसील परिसर में न सिर्फ हंगामा हुआ, बल्कि कानूनगो को छुड़ाने के प्रयास में कर्मचारियों की टीम के साथ तीखी धक्का-मुक्की भी हुई।
24 घंटे पहले बिछा दिया था जाल
एंटी करप्शन टीम ने इस ऑपरेशन के लिए बेहद गोपनीय रणनीति तैयार की थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए 16 सदस्यीय टीम एक दिन पहले ही उरई पहुंच गई थी। टीम के सदस्य सादे कपड़ों में तहसील परिसर और आसपास की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रहे थे। जब शिकायतकर्ता किसान अनिल कुमार राजपूत से रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई, तब टीम ने शुक्रवार दोपहर जाल बिछाकर दबिश दी।
10 मिनट तक चला संघर्ष, सिपाहियों से भिड़े कर्मचारी
जैसे ही एंटी करप्शन टीम ने कानूनगो संदीप तिवारी को घूस की रकम के साथ दबोचा, तहसील परिसर में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पकड़ा गया कानूनगो करीब 10 मिनट तक टीम के चंगुल से छूटने के लिए छटपटाता और हाथ-पैर मारता रहा।