सीजीएम चिप दिखाते पद्मश्री डॉ मोहसिन वली
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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से मोटापे की मॉनीटरिंग की जा रही है। इसमें बांह में सीजीएम चिप बांधी जाती है। इससे ब्लड शुगर लेवल, हेल्थ वॉच से ब्लड प्रेशर और वेइंग स्केल से शरीर के अंदर के पानी और वजन की जांच की जाती है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र पद्मश्री डॉ. मोहसिन वली ने बताया कि एआई से व्यक्ति का जुड़वां प्रारूप तैयार किया जाता है। इस जुड़वां प्रारूप से शरीर में जमा वसा और दूसरी स्थिति देखी जाती है। वह अब तक 500 व्यक्तियों के मोटापे, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर आदि की मॉनीटरिंग कर चुके हैं।
डॉ. वली ने बताया कि केंद्र सरकार के मोटापा नियंत्रण संबंधी अभियान में इस विधि से सहयोग किया जा रहा है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने यह प्रोग्राम तैयार किया है। इसका यहां उपयोग किया जा रहा है। डॉ. वली 1971 बैच के छात्र हैं और 54वें ग्रैंड रियूनियन में शिरकत करने के लिए आए हैं। उन्हें पद्मश्री वर्ष 2007 में मिला। वह तीन राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के स्वास्थ्य सलाहकार रहे। मेडिकल कॉलेज में उन्होंने एआई से मोटापे की मॉनीटरिंग संबंधी जानकारी साझा की। उन्होंने सीजीएम चिप के बारे में बताया।
चिप मोबाइल पर ब्लड शुगर लेवल बताती है। डॉ. वली ने बताया कि चिप 15 दिन तक काम करती है। अभी इसकी कीमत 3500 रुपये है। इसके अलावा हेल्थ वॉच का इस्तेमाल किया जाता है। यह ब्लड प्रेशर का अपडेट देती है। वेइंग स्केल शरीर में पानी और वसा की मात्रा पता चलती है। इसी हिसाब से खानपान, दवा, व्यायाम और जीवन शैली में बदलाव से मोटापा नियंत्रित किया जाता है। साथ ही व्यक्ति के खानपान में घी-तेल का इस्तेमाल 10 फीसदी कम कराया जाता है। इससे रोगी की डायबिटीज, फैटी लिवर, हाई कोलेस्ट्राल, हाई ट्राईग्लीसिराइड आदि से सुरक्षा होती है।