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Kanpur: परिवहन विभाग के नए नियम लागू, बिना परमिट वाहन पर दोगुना जुर्माना, बिना बीमा पर पांच गुना पेनाल्टी

Wed, 19 Aug 2026 03:59 PM IST
Himanshu Awasthi रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: परिवहन विभाग ने मोटर यान अधिनियम 1988 के तहत 29 नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत बिना परमिट वाहन चलाने पर जुर्माना दोगुना और बिना बीमा वाहन चलाने पर पांच गुना तक बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही सड़क की खामी से दुर्घटना होने पर ठेकेदार और कार्यदायी संस्था पर 50 लाख तक का जुर्माना और डीएल नवीनीकरण को लेकर वाहन चालकों को बड़ी राहत दी गई है।
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ज्ञानेश मिश्रा और सचिव विजयन बालियान - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में परिवहन विभाग ने मोटर यान अधिनियम 1988 के तहत 29 नियमों में 15 अगस्त से बदलाव किए हैं। संशोधित व्यवस्था में वाहन चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण और दुर्घटना दावा दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। वहीं, बिना परमिट वाहन चलाने पर दोगुना और बिना बीमा वाहन चलाने पर पांच गुना जुर्माना देना होगा। मानक से अधिक आकार के वाहन और यातायात नियमों की पुनरावृत्ति पर आर्थिक दंड बढ़ेगा। बिना परमिट वाहन संचालन पर अभी तक जुर्माने की राशि 10 हजार रुपये थी, जो बढ़ाकर 20 हजार रुपये की जाएगी।

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इसके अलावा सड़क की खराबी या निर्माण संबंधी खामी के कारण दुर्घटना होने पर सिर्फ वाहन चालक या स्वामी ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार कार्यदायी संस्था और ठेकेदार भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता होने पर संबंधित संस्था और ठेकेदार पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। संशोधित नियमों में वाहन चालकों को बड़ी राहत दी गई है। अभी ड्राइविंग लाइसेंस की निर्धारित वैधता समाप्त होते ही वह निष्प्रभावी माना जाता है।

14 दिन की अवधि को बढ़ाकर 30 दिन किया
नई व्यवस्था में वैधता समाप्त होने के बाद भी 30 दिन तक डीएल प्रभावी रहेगा। इतना ही नहीं अब चालक अपने ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण वैधता समाप्त होने से एक वर्ष पहले भी करा सकेगा। हालांकि, नवीनीकरण कराने के बावजूद उसकी प्रभावी वैधता निर्धारित पुरानी वैधता अवधि समाप्त होने के बाद ही मानी जाएगी। वाहन के पंजीयन और स्वामित्व हस्तांतरण से संबंधित मामलों में अपील करने की अवधि भी बढ़ाई गई है। वर्तमान में उपलब्ध 14 दिन की अवधि को बढ़ाकर 30 दिन किया जा रहा है।

12 माह तक दावा आवेदन स्वीकार किए जाने का रास्ता खोला
इससे संबंधित वाहन स्वामी को आदेश के खिलाफ अपील दाखिल करने के लिए अधिक समय मिलेगा। दुर्घटना दावा मामलों में भी समयसीमा को लेकर बदलाव किया गया है। वर्तमान व्यवस्था में दावा आवेदन के लिए छह माह तक की अवधि है। संशोधित प्रावधान में पर्याप्त कारण होने पर 12 माह तक दावा आवेदन स्वीकार किए जाने का रास्ता खोला गया है। साथ ही,  दावा मामलों के निस्तारण के लिए अब 12 माह की समयसीमा निर्धारित करने का प्रावधान किया गया है।

पहली बार गलती पर चेतावनी, दोबारा उल्लंघन पर जुर्माना
यातायात नियमों के उल्लंघन पर पहली बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालक को आर्थिक दंड देने के बजाय चेतावनी देने का प्रावधान किया गया है। वहीं दोबारा उल्लंघन करने पर 500 से 1,500 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। बिना बीमा वाहन सड़क पर चलाने वालों पर पहली बार बिना बीमा वाहन पकड़े जाने पर वाहन की मूल बीमा प्रीमियम राशि के तीन गुना तक पेनाल्टी का प्रावधान किया गया है। वहीं, दोबारा उल्लंघन करने पर यह पेनाल्टी पांच गुना तक हो सकती है। निर्धारित मानकों के विपरीत हॉर्न या साइलेंसर लगाने वालों को पहली बार चेतावनी दी जाएगी, दोबारा नियम तोड़ने पर 1,000 से 2,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
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केंद्र सरकार की तरफ से अधिनियमों में बदलाव किए गए हैं। अभी इसपर सुझाव भी मांगे जा रहे हैं। राज्य सरकार की तरफ से जैसे कुछ आदेश जारी किए जाएंगे उसी अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।  -आलोक कुमार, एआरटीओ प्रशासन
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