ई-कॉमर्स कंपनी सिटीमॉल के ई-वॉलेट से 1.49 करोड़ पार हो गए। यह रकम छह माह के अंतराल में चोरी हुई। काकादेव पुलिस ने बुधवार को एफआईआर दर्ज कर सेंट्रल जोन के साइबर सेल के साथ जांच की। पता चला चोरी यहीं के स्टाफ रावतपुर गांव के राहुल कुशवाहा और विशाल कनौजिया ने की थी। दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों के पास से करीब 49 हजार रुपये, चार मोबइल, लैपटॉप, टैबलेट बरामद किया है।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी सिटीमॉल का मार्च में ऑडिट हुआ। कंपनी के ई-वॉलेट से 1.49 करोड़ रुपये चोरी होने की जानकारी हुई। यह रकम ओटीपी हासिल करके ट्रांसफर की गई थी। कंपनी के सह-संस्थापक लखनऊ निवासी वरुण रमन ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। उनके निर्देश पर काकादेव थाने में एफआईआर हुई।
पुलिस की जांच में पता चला रकम कंपनी के स्टाफ राहुल कुशवाहा और विशाल कनौजिया ने ओटीपी हासिल कर यूपीआई के माध्यम से अपने रिश्तेदारों के खातों में भेज दी। विशाल ने पत्नी ज्योति के खाते में 40 लाख और प्रेमिका के खाते में 38 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। राहुल ने कानपुर देहात के माती में प्लॉट लिया, स्विफ्ट कार खरीदी। दोनों ऑनलाइन सट्टे और आईपीएल सट्टे में भी काफी रकम हार गए। गुरुवार को दोनों को पनकी स्थित वेयरहाउस से गिरफ्तार किया गया।
गुरुग्राम और दादरी में भी रुपये निकलने की आशंका
काकादेव थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम के मुताबिक राहुल और विशाल अगस्त से रकम ट्रांसफर कर रहे थे। यह धीरे धीरे रुपयों को रिश्तेदारों के खातों में भेजा करते थे जिससे इनके ऊपर कोई शक न कर सके। आरोपियों ने यही तकनीक गुरुग्राम, दादरी, वाराणसी और लखनऊ के स्टाफ को भी बताई है। वहां भी इसी तरह से रुपये निकलने की आशंका है। कंपनी के अधिकारी वहां भी ऑडिट करा रहे हैं।
रोजाना पार्टी करना और घूमने का शौक
सेंट्रल जोन के साइबर सेल प्रभारी तनुज सिरोही ने बताया कि राहुल और विशाल का वेतन भले ही कम था लेकिन दोनों के शौक बड़े-बड़े थे। दोनों रोजाना पार्टी करते और घूमने फिरने जाया करते थे। शहर के कई महंगे होटलों में स्वयं और दोस्तों को पार्टी दे चुके हैं। आरोपियों के तार खंगाले जा रहे हैं। इसमें और लोग भी शामिल हो सकते हैं।