13 साल पहले शिक्षामित्र व आढ़ती को गोली मारकर घायल करने और 45 हजार रुपये से अधिक की लूट के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी माना। दोनों को दो-दो साल का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की रकम अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
कोतवाली गुरसहायगंज के ग्राम सियरमऊ निवासी रितेश सिंह पाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि उनके बड़े भाई अनूप सिंह पाल प्राथमिक पाठशाला सियरमऊ में शिक्षामित्र थे। वह जलालाबाद निवासी अपने साथी अनिल कुमार दुबे, छऊआ शुक्ला व तिलपई निवासी रहीश यादव के साथ ग्राम जलालाबाद में जीटी रोड के किनारे आलू की आढ़त का कारोबार करते थे।
आरोप था कि 31 दिसंबर 2012 की रात करीब 11:25 बजे जब अनूप सिंह पाल आढ़त बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी तीन अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे। हरीश यादव के कुछ पूछने पर दो बदमाशों ने बिना कुछ कहे अनूप सिंह पर फायरिंग शुरू कर दी। बताया गया कि तीन गोली लगने से अनूप गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावरों ने उनकी जेब और मोटरसाइकिल की डिकी में रखे 45,778 रुपये नकद और बीजक भी लूट लिए। शोर मचने पर आसपास के लोग दौड़े तो आरोपी फायरिंग करते हुए पीछे की तरफ से मोटरसाइकिल से फरार हो गए। घायल अनूप सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, फिर हालत गंभीर होने पर कानपुर हैलट अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस ने मामले की जांच कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। करीब 13 साल तक चली सुनवाई के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हरिप्रसाद की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर जिला फर्रुखाबाद के थाना शमशाबाद के नगला सेठ निवासी ध्रुव राजपूत व कस्बा गुरसहायगंज के अशोक नगर निवासी शिवम मिश्रा को दोषी माना। अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए दो-दो साल का कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।