यमुना पुल पर सुबह करीब साढ़े दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक जांच चली। इसके बाद दोपहर 12 बजे से एक बजे तक बेतवा पुल का निरीक्षण किया गया। पुल पर एक समय में एक लेन से ट्रैफिक निकाला गया। यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। एनएचएआई के इंजीनियर राकेश जैन की मौजूदगी में टीम ने पुल की कोठियों, बेरिंग और नीचे के स्ट्रक्चर की स्थिति देखी।
जय बिल्डर के एक्सीडेंट मैनेजर सौरभ यादव ने बताया कि यह रूटीन तकनीकी जांच है, जो हर पांच-छह माह में कराई जाती है। प्रारंभिक निरीक्षण में कोई बड़ी तकनीकी खामी सामने नहीं आई है। सैंपल जांच रिपोर्ट 15 से 20 दिन में आने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि यमुना पुल की पहली कोठी के पास सड़क पर हल्के गड्ढे और सतह पर क्षति मिली थी, जिसे भर दिया गया है। पुल के ऊपरी हिस्से पर डामर की मरम्मत की आवश्यकता भी बताई गई है।
यमुना और बेतवा पुल की तकनीकी जांच
- फोटो : amar ujala
यमुना और बेतवा पुल कई दशक पुराने हैं और इनसे रोजाना भारी वाहनों का दबाव गुजरता है। वर्ष 2025 में भी यमुना पुल पर बड़े स्तर पर मरम्मत कराई गई थी। उस दौरान खराब बेरिंग बदली गई थीं और धंसी हुई स्लैब को दुरुस्त किया गया था। मरम्मत कार्य के चलते कई सप्ताह तक सप्ताहांत में पुल पर यातायात बंद रखा गया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे पर मौरंग, गिट्टी और मालवाहक भारी ट्रकों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पुराने पुलों की नियमित जांच और निगरानी को जरूरी माना जा रहा है। 48 से 50 साल पुराने हो चुके हैं दोनों पुल एनएच-34 पर बना यमुना पुल वर्ष 1976 और बेतवा पुल वर्ष 1978 में तैयार हुआ था।
दोनों पुलों की डिजाइन आयु करीब 40 वर्ष मानी गई थी, लेकिन अब यमुना पुल करीब 50 वर्ष और बेतवा पुल 48 वर्ष पुराना हो चुका है। इसके बावजूद इन पुलों से रोजाना भारी वाहनों का दबाव गुजर रहा है।2025 में बदली गई थीं पुल की बेरिंग वर्ष 2025 में यमुना पुल पर बड़े स्तर पर मरम्मत कार्य कराया गया था। खराब बेरिंग बदलने और धंसी स्लैब को ठीक करने के लिए जून-जुलाई में कई सप्ताह तक सप्ताहांत पर पुल बंद रखा गया था।
यमुना और बेतवा पुल की तकनीकी जांच
- फोटो : amar ujala
2016 में भी क्षतिग्रस्त हुई थी कोठी
यमुना पुल की एक कोठी वर्ष 2016 में क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद उसकी मरम्मत कराई गई थी। इससे पहले भी वर्ष 2009, 2011, 2013 और 2015 में पुल पर मरम्मत कार्य हो चुका है।
बोले अधिकारी
पुलों की रूटीन तकनीकी जांच कराई गई है। कोठियों, बेरिंग और अन्य हिस्सों का निरीक्षण किया गया। अभी तक जांच में कोई बड़ी तकनीकी खामी नहीं मिली है। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
-सौरभ यादव, एक्सीडेंट मैनेजर, जय बिल्डर
-जांच के दौरान एक लेन से ट्रैफिक निकाला गया। पुल पर पुलिस बल लगाकर वाहनों को रोका-छोड़ा गया, जिससे यातायात व्यवस्था बनाए रखी गई।
-असित कुमार, यातायात प्रभारी