2022 में बिल्डर बताकर लिए थे 23 लाख रुपये
उन्नाव के विकास नगर (कब्बा खेड़ा) निवासी पीड़ित अशोक कुमार गुप्ता (65) के अनुसार, वर्ष 2022 में उनके रिश्तेदार सत्यम गुप्ता ने खुद को बिल्डर बताते हुए एक फ्लैट दिलाने का भरोसा दिया था। झांसे में आकर पीड़ित ने सत्यम को कुल 23 लाख रुपये दे दिए, जिसमें 15 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर के जरिए और 8 लाख रुपये नकद दिए गए थे।
न फ्लैट मिला, न जमा पूंजी; ऑडियो-डॉक्यूमेंट पुलिस को सौंपे
पीड़ित का आरोप है कि रकम लेने के बाद न तो उन्हें फ्लैट का कब्जा दिया गया और न ही उनकी जिंदगी भर की कमाई लौटाई गई। जब भी रुपये मांगे गए, आरोपी टालमटोल करता रहा। अशोक कुमार गुप्ता के मुताबिक उनके पास ऑनलाइन पेमेंट के प्रूफ, नकद राशि की लिखित रसीद और बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने पुलिस आयुक्त से गुहार लगाई, जिसके बाद नवाबगंज थाने में एफआईआर दर्ज हुई।
आरोपी भाजपा नेता की सफाई
मामले में भाजपा नेता सत्यम गुप्ता का कहना है कि शिकायतकर्ता (जो रिश्ते में उनके बाबा लगते हैं) खुद बैंक डिफाल्टर हैं। जब बिल्डिंग का निर्माण शुरू नहीं हुआ था, तब उन्होंने केवल 15 लाख रुपये दिए थे। बाद में बिल्डिंग बनने पर वह बाकी रकम नहीं दे पाए। सत्यम का दावा है कि उन्होंने वादा किया था कि फ्लैट बिकते ही उनके रुपये लौटा दिए जाएंगे। पुलिस जांच में पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।
पुलिस का बयान
नवाबगंज इंस्पेक्टर राजकेसर ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिक जांच कराने के बाद भाजपा नेता के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।