परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी
उनका कहना है कि पहले आतिशबाजी सस्ते और आसानी से मिल जाती है। पचभीटा के युवक ने भी फल विक्रेता को आतिशबाजी की सप्लाई पहुंचाई थी। इसके अलावा सुरेश गुप्ता अन्य लोगों से भी आतिशबाजी खरीदता था। लोगों के बीच मलवां थाने के रेवाड़ी गांव में करीब तीन साल पहले आतिशबाजी से हुए विस्फोट की भी चर्चा रही। उस घटना में भी परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी।
फल की दुकानें बंद, दुकानदारों में शोक
कस्बे के अंडरपास के सामने फल विक्रेता सुरेश गुप्ता की दुकान है। कुछ दूरी पर उसके भतीजे सूरज की दुकान भी है। हादसे के बाद से दोनों दुकानें बंद हैं। अक्सर लोग दुकानों के पास पहुंचकर हादसे और परिवार के बारे में चर्चा करते नजर आते हैं।
पति के बाद बच्चों का चेहरा भी नहीं देख सकी
बेटे अर्पित और वेद की घायल मां पूजा मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। पूजा ने बताया कि पति रोहित की मौत के बाद उनके शव को भी लोगों ने देखने तक नहीं दिया। जिंदगी का सहारा बचे दोनों बेटों के शवों के अंतिम दर्शन भी वह नहीं कर सकीं। उधर मोहल्ले में घरों के बाहर महिलाएं बैठी नजर आईं। सभी की जुबां पर हादसे की चर्चा थी। लोग परिवार के भविष्य को लेकर चिंता जताते रहे।
प्रधानमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया
सुरेश गुप्ता का घर गिरने के बाद पत्नी उमा देवी, बेटी लक्ष्मी, सलोनी और बेटे कार्तिक उनके बड़े भाई सोनेलाल के घर रह रहे हैं। विस्फोट में पड़ोसी प्रदीप का घर भी गिर गया। उसका परिवार भी मुन्नीलाल के घर रह रहा है। विधायक जय कुमार जैकी ने परिवार को प्रधानमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया है। इकलौते बेटे यश के पिता गुड्डन के दरवाजे पर परिवार के कुछ लोग नजर आए।