कानपुर। सीएसए के शाकभाजी अनुभाग की तकनीक का राष्ट्रीय स्तर पर अनुमोदन किया गया है। इस तकनीक से टमाटर की अधिक उपज प्राप्त कर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। अनुसंधान कार्य शाकभाजी शोध प्रक्षेत्र, कल्याणपुर में रबी की फसल में टमाटर की ‘काशी और अमन’ प्रजाति पर किया गया।
टमाटर उत्पादन की उन्नत तकनीक को श्री कोंडा लक्ष्मण तेलंगाना बागवानी विश्वविद्यालय, हैदराबाद में 20 फरवरी से आयोजित तीन दिवसीय 44वीं वार्षिक समूह बैठक में अनुमोदित किया गया है। यह तकनीक सस्य विज्ञानी डॉ. राजीव ने तीन वर्षों के अनुसंधान एवं परीक्षणों के बाद विकसित की।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक से सर्वाधिक फसल उपज 549.17 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हुई जो अन्य की तुलना में काफी अधिक है। तकनीक से अधिकतम शुद्ध लाभ 4,02,573 रुपये प्रति हेक्टेयर हुआ। इस तकनीक को प्रदेश सहित समान कृषि-जलवायु परिस्थितियों में टमाटर उत्पादक कृषकों के लिए अनुशंसित किया गया है।