Oxygen और बेड की किल्लत के बीच अब शहर के लोग Corona की जांच रिपोर्ट में लेटलतीफी से मरणासन्न हो रहे हैं। ITPCR जांच के लिए सैंपल देने के 10 दिन बाद भी पता नहीं है कि वे Cprona Infected हैं या नहीं। मुसीबत तो यह है कि बिना जांच रिपोर्ट के डॉक्टरों ने इलाज करने से इनकार कर दिया है।