श्रद्धालुओं ने दर्शन और जलाभिषेक किया
- फोटो : amar ujala
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम
सावन सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। मंदिर परिसर और रामघाट क्षेत्र में सुरक्षा, यातायात व भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए गए। श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए पुरुषों और महिलाओं की जलाभिषेक के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रही।
श्रद्धालुओं ने दर्शन और जलाभिषेक किया
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जलाभिषेक के बाद लगाई कामदगिरि परिक्रमा
मत्तगजेन्द्रनाथ स्वामी के दर्शन और जलाभिषेक करने के बाद अधिकांश श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूर्ति के लिए कामदगिरि पर्वत की पवित्र परिक्रमा भी लगाई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन माह में भगवान शिव का पूजन करने और कामदगिरि की परिक्रमा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
भक्तिमय माहौल में लीन दिखे श्रद्धालु
सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है। इस अवसर पर पूरा मंदिर परिसर और रामघाट 'बम-बम भोले' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से जल, दूध, बेलपत्र व भांग चढ़ाकर भगवान शिव से अपनी मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना की।