भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए। इनमें कानपुर से पहली बार दो प्रत्याशी हैं। भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल और संगठन से लंबे समय से जुड़े गोपी कृष्ण पांडेय को उम्मीदवार बनाया गया है। उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्तूबर को मतदान होना है।
माना जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव और उससे पहले हुए विधानसभा चुनाव में घटी सीटों की भरपाई के लिए पार्टी आलाकमान ने बिसात बिछाई है। इसके साथ ही पीडीए के जवाब में भाजपा की तरफ से कानपुर के साथ ही कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में भी सवर्णों और दलितों को साधने की कोशिश माना जा रहा है। घोषणा होते ही भाजपा कार्यकर्ताओं ने दोनों उम्मीदवारों के घर जाकर स्वागत किया। इन दो उम्मीदवारों के साथ ही तीसरी श्रुति गंगवार को भी कानपुर से जुड़ाव है। श्रुति की बर्रा में ससुराल है।
प्रकाश पाल ... संघ के तहसील प्रचारक से राज्यसभा उम्मीदवार तक
बर्रा निवासी प्रकाश पाल ने वर्ष 1992 में संघ के तहसील प्रचारक के दायित्व से अपना सामाजिक और संगठनात्मक सफर शुरू किया था। संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालने के बाद उन्हें कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया। पिछले महीने ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। उनकी पहचान भाजपा के पिछड़ा वर्ग संगठन में सक्रिय नेता के रूप में है। उनकी पत्नी नीतू पाल और दो बच्चे दिव्या व अशुमेंद्र हैं। पाल समाज की राजनीतिक भागीदारी को देखते हुए भी उनका नाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में पाल समाज का प्रभाव है और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में इस समुदाय के मतदाता चुनावी समीकरणों में भूमिका निभाते हैं। उनका कहना है कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी उसे बखूबी निभाएंगे।
गोपी कृष्ण पांडेय... बाल स्वयं सेवक से लेकर गुजरात तक संगठन के काम से जुड़े
बारादेवी चौराहे के पास रहने वाले गोपी कृष्ण पांडेय लंबे समय से भाजपा-संघ की गतिविधियों से जुड़े हैं। बाल स्वयं सेवक से शुरुआत करने के बाद हिंदू जागरण मंच में प्रदेश उपाध्यक्ष, बजरंग दल के जिला सह-संयोजक, हिंदू जागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष, किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष, किसान मोर्चा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य, युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी बखूबी संभाल चुके हैं। उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहने के साथ ही गुजरात में भी भाजपा और संघ के संगठनात्मक कार्यों से जुड़े रहे हैं। पेशे से किसान गोपी कृष्ण पांडेय के परिवार में पत्नी मंजू पांडेय, बेटा ऋषभ पांडेय और बेटी निवेदिता हैं। उनका बेटा और बहू बेल्जियम में नौकरी करते हैं जबकि बेटी का विवाह नोएडा में हुआ है।