किशोरी के मुंह में कपड़ा ठूंसकर और पैर-हाथ बांधकर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी हुकुम चंद्र निषाद को विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने सोमवार को 20 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया। साथ ही पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिसकी अदायगी न करने पर तीन माह अतिरिक्त की सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में अदा की जाएगी।
बबेरू थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित 11 वर्षीय किशोरी के पिता ने कहा कि 13 मई 2015 को उसकी पुत्री शौच क्रिया के लिए खेत की तरफ गई थी। वहीं पर हुकुमचंद्र निषाद ने उसे पकड़कर मुंह दबाकर रूमाल ठूंस दिया और अपनी साफी से उसके हाथ पैर बांधकर दुष्कर्म किया था। इसके बाद वह बमुश्किल घर आई और अपनी आपबीती बताई। उसने अपनी पुत्री की हालत देखकर सीएचसी बबेरू ले गया। डाक्टर ने देखकर उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
भर्ती करने के बाद वह उक्त हुकुमचंद्र निषाद के घर गया तो वह घर पर नहीं मिला। तब उसने थाना बबेरू मे तहरीर देकर 13 मई 2023 को प्राथमिकी दर्ज कराई। तत्कालीन विवेचक एसआई पंकज कुमार सिंह ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। नौ अगस्त 2023 को दोषी के विरुद्ध आरोप बनाया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। मेडिकल परीक्षणों एवं बयान के आधार पर न्यायाधीश ने अपने 22 पृष्ठीय फैसले में दोषी हुकुमचंद्र निषाद को किशोरी के दुष्कर्म में दोषी पाते हुए सजा व जुर्माने लगाया।