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कानपुर: एयरफोर्स का सार्जेंट पहुंचा जान देने, जीआरपी ने बचाया, जेब में मिला सुसाइड नोट

Fri, 10 Dec 2021 11:00 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

थाना प्रभारी आरके द्विवेदी ने बताया कि चंद्र प्रकाश मूलरूप से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले हैं। एयरफोर्स चकेरी के वनबीआरडी में सार्जेंट के पद पर तैनात हैं। वह घरेलू कलह से परेशान थे। सूचना पर यूनिट के सार्जेंट बीएम दास और शशीकांत थाने आए और उन्हीं की सुपुर्दगी में चंद्रप्रकाश को सौंप दिया गया।
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पीले कपड़ों में चंद्र प्रकाश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर सेंट्रल स्टेशन के आउटर पर गुरुवार रात आत्महत्या के इरादे से ट्रैक पर खड़े एयरफोर्स के सार्जेंट चंद्र प्रकाश की जान वहां तैनात जीआरपी पिकेट के सिपाहियों ने बचा ली। ट्रेन उन्हें कुचलने ही वाली थी कि सिपाहियों ने उन्हें धक्का देकर ट्रैक से दूर कर दिया।
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सार्जेंट के मुताबिक वह घरेलू कलह से परेशान हो चुके हैं, इसलिए ऊबकर जान देने के लिए आए थे। जीआरपी को उनके पास से सुसाइड नोट भी मिला है। जीआरपी प्रभारी ने एयरफोर्स यूनिट के प्रभारियों को बुलाकर सार्जेंट को उनकी सुपुर्दगी में दे दिया।

गुरुवार देर रात सिपाही विनय यादव और प्रदीप कुमार झकरकटी पुल के नीचे आउटर पर तैनात थे। इस दौरान उन्हें दिल्ली साइड से आ रही ट्रेन की रोशनी में एक व्यक्ति पीले रंग की शर्ट पहने दिखा। इस पर दोनों ने दौड़ लगा दी। ट्रेन कुछ दूर पर ही थी कि सिपाहियों ने धक्का देकर चंद्रप्रकाश को ट्रैक से दूर कर दिया।
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थाना प्रभारी आरके द्विवेदी ने बताया कि चंद्र प्रकाश मूलरूप से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले हैं। एयरफोर्स चकेरी के वनबीआरडी में सार्जेंट के पद पर तैनात हैं। वह घरेलू कलह से परेशान थे। सूचना पर यूनिट के सार्जेंट बीएम दास और शशीकांत थाने आए और उन्हीं की सुपुर्दगी में चंद्रप्रकाश को सौंप दिया गया।
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