कानपुर में साइबर ठगों, डिजिटल अरेस्ट करने वाले और सट्टेबाजों की रकम 100 से अधिक म्यूल खातों में ठिकाने लगाई गई है। इनमें 42 बैंक अकाउंट ऐसे हैं, जिनको 16 से 18 मोबाइल नंबरों के सहारे खोला गया। पुलिस जांच में एक ही मोबाइल नंबर से चार, पांच और छह अलग अलग बैंकों में खाता खोले जाने की जानकारी हुई है। राम मनोहर, श्याम सुंदर, इमराम अली, खुर्शीदा बेगम जैसे खाताधारकों के अकाउंट एक ही नंबर पर चलते मिले।
42 खातों में लगभग 40 करोड़ का ट्रांजेक्शन हुआ है। बर्रा पुलिस ने 30 अप्रैल को अवैध रकम ठिकाने लगाने में आठ आरोपियों को जेल भेजा। एक्सिस बैंक कन्नौज शाखा के ऑपरेशनल हेड धर्मेंद्र सिंह, डिप्टी मैनेजर अमित सिंह, स्वरूपनगर के सीएसबी बैंक मैनेजर अमित कुमार, यूनिटी स्मॉल बैंक फाइनेंस के रिलेशनशिप मैनेजर आशीष कुमार, वरुण विहार के सोनू शर्मा, सतीश पांडेय, तनिष गुप्ता और गोविंदनगर के साहिल विश्वकर्मा शामिल हैं।
कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हुई हैं
पुलिस को आरोपियों की जांच में बर्रा आठ के राजबीर सिंह यादव की जानकारी हुई। वह गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उस पर आगरा के संचित अग्रवाल के साथ मिलकर कई म्यूल खातों को खुलवाने और उसमें रुपये के लेनदेन की बात सामने आई। पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हुई हैं। बर्रा इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी रकम को दूसरे, तीसरे, चौथे, पांचवें और उसके आगे की लेयर तक पहुंचाने का कार्य कर रहे थे।
खाते अलग_अलग बैंकों में, उनमें लगा मोबाइल नंबर एक ही
कई बार चेन बीच में तोड़ी गई है, जिससे पुलिस या अन्य जांच एजेंसियां गिरोह तक न पहुंच सके। पुलिस को आरोपियों के पास से 100 से अधिक म्यूल खातों का पता चला है। यह फर्जी दस्तावेजों और मोबाइल नंबरों से खुलवाए गए हैं। इनमें 42 खाते तो ऐसे हैं, जिनमें 16 से 18 मोबाइल नंबरों से खोला गया है। यह खाते अलग अलग बैंकों में जरूर हैं, लेकिन उनमें लगे मोबाइल नंबर एक ही है। इन नंबरों की जांच कराई जा रही है।
तीन बैंक कर्मियों के मोबाइल पर खुले खाते
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह गिरोह कानपुर ही नहीं कई शहरों में फैला हुआ है। कानपुर और आसपास के जिलों के गिरोह की जिम्मेदारी म्यूल खाते खुलवाने और रकम को ठिकाने लगाने की थी। जांच में सामने आया है कि म्यूल खातों में मोबाइल नंबर तीन बैंक कर्मियों के लगे हुए हैं। उनकी जांच की जा रही है। पुलिस उनको जल्द ही हिरासत में ले सकती है।
एक निजी बैंक को दिया गया नोटिस
बर्रा इंस्पेक्टर के मुताबिक एक निजी बैंक को म्यूल खातों को खोले जाने के साथ कुछ जानकारियां साझा न करने की वजह से नोटिस जारी किया गया है। दो अन्य बैंकों से पुराने दस्तावेजों के संबंध में जानकारी जुटाई गई है। टेलीकॉम कंपनियों से मोबाइल नंबरों की डिटेल देने के लिए कहा गया है।
अवैध रकम को ठिकाने लगाने के लिए कई म्यूल खातों को खोला गया है। पुलिस की कई टीमें जांच कर रही हैं। कुछ खाते ऐसे में मिले हैं, जिनको एक ही मोबाइल नंबर से खोला गया है। -दीपेंद्रनाथ चौधरी, डीसीपी साउथ