नल का बिना कनेक्शन लिए ही जल संस्थान ने बिल थमा दिया। पीड़ित ने अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब उपभोक्ता न्यायालय ने बिल निरस्त करने का आदेश दिया है।
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बड़ागांव गेट अंदर निवासी महेश नामदेव ने बताया कि उसने जल संस्थान से न कोई संयोजन कराया न ही आवेदन। इसके बाद भी 10 नवंबर 2022 को उसे 2,724 रुपये का बिल थमा दिया गया। उसने अधिकारियों से संपर्क किया तो तर्क दिया गया कि चूंकि उसके घर से 100 मीटर की दूर से पाइपलाइन गुजरी है, इसलिए उसे बिल भरना होगा। उसने उपभोक्ता न्यायालय की शरण ली। अध्यक्ष अमर पाल सिंह ने बिल को निरस्त करने का आदेश जल संस्थान के एक्सईएन को दिया।