छावनी में तब्दील हुआ पूरा गांव
राजेंद्र की मौत की सूचना के बाद सिंगार गांव में तनाव की स्थिति बन गई। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में आठ थानों की पुलिस के साथ पीएसी तैनात कर दी गई। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव गांव ले जाया गया। स्थिति पर नजर रखने के लिए सीओ पीयूष पांडेय समेत आसपास के सर्किल के सीओ भी मौके पर तैनात रहे।
बेटे का दावा- फूल तोड़ने से मना करने पर हुआ था विवाद
राजेंद्र के बेटे विनय का दावा है कि रविवार सुबह करीब 8:30 बजे उसके पिता दूसरे मकान में लगे पंप को बंद करने गए थे। इसी दौरान नौ साल की बच्ची गेट के पास लगे कनेर के पौधे से फूल तोड़ रही थी। विनय के मुताबिक, पिता ने बच्ची को फटकारा और गुस्से में उसे दो थप्पड़ मार दिए। इसके बाद बच्ची के परिजनों ने छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए डायल-112 पर सूचना दी।
विनय का यह भी दावा है कि गांव के राधा-कृष्ण मंदिर की करीब आठ बीघा जमीन है और उनका परिवार तीन पीढ़ियों से वहां पूजा करता आ रहा है। उसका आरोप है कि कुछ लोग परिवार को मंदिर से हटाने के लिए झूठे मामले में फंसा रहे हैं। विनय के मुताबिक, उसके पिता इस आरोप से आहत थे और इसे सहन नहीं कर सके।
जांच एसपी ग्रामीण को सौंपी गई
पॉक्सो और छेड़छाड़ के आरोप में राजेंद्र प्रसाद को थाने लाया गया था। फंदे से लटका मिलने के बाद उसे तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। मामले की जांच एसपी ग्रामीण को सौंपी गई है। जांच में पुलिस की ओर से जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -
बीबी जीटीएस मूर्ति, एसएसपी
मामले की जानकारी देते एसएसपी...