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Jhansi News: ड्यूटी से लौटने के बाद रेलकर्मी ने फंदा लगाकर दी जान

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। रेलवे वर्कशाप के तकनीकी सहायक संस्कार सिंह (22) ने मंगलवार दोपहर अपने सूने मकान में फंदा लगाकर जान दे दी। ड्यूटी से लौटकर आने के कुछ देर बाद ही उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। उसके आत्महत्या की वजह मालूम नहीं चल सकी। पुलिस उसके मोबाइल को कब्जे में लेकर छानबीन कर रही है।

सीपरी बाजार के लहर गिर्द निवासी संस्कार को तीन साल पहले पिता संतोष सिंह की जगह रेलवे में नौकरी मिली थी। संतोष की मौत कोविड के चलते हो गई थी। अब परिवार में उसकी मां समेत एक छोटा भाई है। संस्कार की अभी शादी नहीं हुई थी। परिजनों के मुताबिक उनका एक घर रेलवे वर्कशाप के पास है। संस्कार ड्यूटी करके वहां खाना खाने जाता था। शाम को सीपरी बाजार स्थित घर जाता था। मंगलवार सुबह वर्कशाप ड्यूटी के लिए गया। मां ने टिफिन भी साथ में दिया था। दोपहर करीब डेढ़ बजे ड्यूटी करके संस्कार वर्कशाप वाले घर में चला गया। मां के कई बार फोन करने पर संस्कार ने कॉल नहीं उठाई। कुछ देर बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। उससे बात न होने पर मां को बेचैनी होने लगी। उन्होंने पास में रहने वाले अपने देवर राजेंद्र को वहां भेजा। राजेंद्र के पहुंचने पर दरवाजा खुला था। अंदर के कमरे में पलंग पर स्टूल के सहारे वह फंदे से लटका दिखा। यह देखते ही राजेंद्र की चीख निकल गई। पड़ोस के लोग जुट गए। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी बुलाया। आसपास के लोगों से पूछताछ की। थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय का कहना है कि छानबीन के दौरान आत्महत्या की पुष्टि हुई लेकिन आत्महत्या की वजह परिवार के लोग भी बता नहीं पा रहे हैं।
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इनसेट
बहू की तलाश में जुटे थे परिजन
संस्कार तीन साल से नौकरी कर रहा था। परिवार में सिर्फ मां एवं एक छोटा भाई है। इस वजह से परिवार के लोग बहू की तलाश में जुटे थे। कई जगह रिश्ते भी देखे गए थे लेकिन संस्कार इन सबके बीच अनमना रहता था। परिजनों को भी अपने मन की बात नहीं बताता था। उसके जान देने की बात सुनते ही परिवार के लोगों को भी यकीन नहीं हुआ। मां यह बात सुनते ही अचेत हो गईं।
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