शहर की एक कबाड़ फैक्टरी के बाहर लोड हो रहा बिना नंबर का ट्रक। संवाद
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जनपद में लोहा कबाड़ के परिवहन में गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। सड़कों पर बिना नंबर के वाहनों से कबाड़ ढोया जा रहा है, जिससे जीएसटी चोरी की आशंका लगातार बनी हुई है। एसआईटी की जांच चलने के बाद भी इस पर विराम नहीं लग पा रहा है।
लोहा कबाड़ सिंडीकेट के सरगना की गिरफ्तारी के बाद भी स्थिति में बड़ा सुधार नहीं दिख रहा है। जिले में बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों से लोहे का कबाड़ कारखानों तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि परिवहन की ट्रैकिंग करना मुश्किल हो जाए। नियमों के तहत माल परिवहन के लिए ई-वे बिल अनिवार्य है, लेकिन ऐसे मामलों में या तो ई-वे बिल जारी नहीं किया जा रहा है या फिर एक ही ई-वे बिल का उपयोग कई वाहनों के लिए किया जा रहा है।
इससे कर चोरी की संभावनाएं और बढ़ गई हैं। जनपद में लोहा गलाने की कई फैक्टरियां संचालित हैं, जहां प्रतिदिन करीब 300 टन कबाड़ गलता है। इसके बावजूद कार्रवाई न होना सवाल खड़े कर रहा है। कारोबार से जुड़े लोगों की माने तो अपंजीकृत खरीद के इस कारोबार में जीएसटी की चोरी लंबे समय से हो रही है। कई जनपदों से कबाड़ हाथरस पहुंचता है।
ऐसा नहीं है कि कबाड़ के वाहनों पर कार्रवाई नहीं की जा रही। इसी माह दो वाहनों को कब्जे में लेकर 3.12 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। पिछले माह भी ऐसे वाहनों पर करीब 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। पूरे साल में 18 से 20 वाहनों को पकड़ा गया है।
-समीर श्रीवास्तव, सहायक आयुक्त, राज्य कर।