न्यायालय में थी फाइनल बहस
रामबाबू सिंह कुशवाहा के अधिवक्ता संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि सोमवार को मुकदमे में फाइनल बहस थी, लेकिन उनके न आने के कारण बहस नहीं हो सकी। प्रकरण में अगली तिथि 15 अक्तूबर लगाई है। राजाराम के अनुसार करीब 35 साल पहले उनके बाबा गंगाराम ने 11 बीघा जमीन गांव के रामचरण की पत्नी व बेटे से खरीदी थी। इसके बाद से ही रामचरण के परिवार के ही एक व्यक्ति ने दूसरी वसीयत का दावा करते हुए विवाद खड़ा किया और मामला न्यायालय तक पहुंच गया। राजाराम का आरोप है कि न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद विपक्षी ने जमीन का इकरारनामा दबंग लोगों को कर दिया था, जो उन पर समझौते का दबाव बना रहे थे। राजाराम का आरोप है कि उन्हीं लोगों ने घटना को अंजाम दिया है।
सीसीटीवी में कैद हुई काली कार
रामबाबू सिंह को कार ने पीछे से टक्कर मारी। टक्कर मारकर उन्हें कुचलते हुए चालक कार लेकर भाग गया। पुलिस ने छानबीन की तो एक सीसीटीवी फुटेज में काले रंग की कार नजर आयी है, जो आगे से क्षतिग्रस्त है। इस कार पर नंबर प्लेट नहीं है। इसलिए पहचान करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस छानबीन में जुटी है।
पहले हादसे में बेटे की हो चुकी है मौत
30 अगस्त को मथुरा में रामबाबू के तीसरे नंबर के बेटे माधव की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। राजाराम ने बताया कि उनके भाई माधव काम के सिलसिले में मथुरा गए थे। वे अपने पीछे पत्नी व चार बच्चों को छोड़ गए। परिवार इस गम से उबर भी नहीं पाया कि अब पिता की मौत हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस को सड़क हादसे की सूचना मिली थी, जिस आधार पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। सीसीटीवी की मदद से कार चालक की तलाश की जा रही है। परिजन की तहरीर व जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -हिमांश माथुर, सीओ सिटी