मेला परिसर में हलवा-पराठा और खजला की दुकान
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दाऊजी मेले के पंडाल में एक-एक कर मिलेगा प्रवेश
ऐतिहासिक लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। मुख्य मेला पंडाल में भीड़ के बेकाबू प्रवेश पर रोक लगाने के लिए स्थायी बैरिकेडिंग के साथ विशेष क्रॉस गेट तैयार कराया जा रहा है। इसके बाद दर्शकों के झुंड में पंडाल में प्रवेश करने पर रोक लगेगी।
क्रॉस गेट की व्यवस्था ऐसी होगी कि एक समय में केवल एक व्यक्ति कतारबद्ध होकर अंदर जा सकेगा। इससे धक्का-मुक्की और भगदड़ की आशंका कम होगी। साथ ही सुरक्षा जांच में पुलिसकर्मियों को प्रत्येक व्यक्ति की तलाशी लेने में आसानी होगी।
प्रशासन ने निकास व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया है। पंडाल के दोनों ओर चौड़े मुख्य गेट बनाए जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल कार्यक्रम समाप्त होने पर भीड़ को सुगमता से बाहर निकालने के साथ आपात स्थिति में त्वरित निकासी के लिए किया जाएगा। पंजाबी दरबार, संगीत संध्या समेत बड़े आयोजनों से पहले पंडाल के आसपास अतिरिक्त अस्थायी बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। इससे वीआईपी और सामान्य दर्शकों के लिए अलग-अलग सुरक्षित गलियारे बनाए जा सकेंगे।
मेले से पहले सजीं हलवा-पराठा और खजला की दुकानें
मेला श्रीदाऊजी महाराज के आगमन से पहले शहर में हलवा-पराठा और खजला की दुकानें सजने लगी हैं। मेले के दौरान इन व्यंजनों का स्वाद लेना वर्षों पुरानी परंपरा है। दुकानदारों ने विभिन्न स्थानों पर दुकानें लगाकर ताजा हलवा-पराठा और खजला तैयार करना शुरू कर दिया है। इस बार दाम 120 रुपये से बढ़कर 140 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। दुकानदारों के अनुसार घी, चीनी और अन्य सामग्री महंगी होने से कीमत बढ़ानी पड़ी है। इसके बावजूद शाम होते ही दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुटने लगी है।