बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
- फोटो : Samvad
नशे की लत से जूझ रहे लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। जिला अस्पताल में अब नशा मुक्ति केंद्र के माध्यम से उन्हें नई जिंदगी शुरू करने का मौका मिलेगा। जिला अस्पताल में अब नशा मुक्ति केंद्र पूरी तरह क्रियाशील हो गया है। यहां न केवल मरीजों का उपचार किया जाएगा, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञ काउंसिलिंग भी दी जाएगी।
समाज कल्याण विभाग व स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त पहल से जिला अस्पताल परिसर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत नशा मुक्ति केंद्र तैयार किया गया था। स्टाफ के अभाव में अभी तक इसका संचालन नहीं हो पा रहा था। दो दिन पहले नशा मुक्ति केंद्र पर चिकित्सक की तैनाती हो गई।
इनके साथ स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय व डाटा मैनेजर पद पर भर्ती की गई है। यह टीम नशे के शिकार व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करेगी और उनकी लत की गंभीरता के अनुसार उपचार का चार्ट तैयार करेगी। विशेषकर युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकालने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श पर जोर दिया जाएगा।
जिले में नहीं कोई नशा मुक्ति केंद्र
जिले में अब तक नशा मुक्ति केंद्र की व्यवस्था नहीं थी। लोगों को आगरा या अन्य बड़े शहर जाना पड़ता था। सीएमएस ने बताया कि वर्तमान में केंद्र को आवश्यक बुनियादी ढांचे के साथ शुरू किया गया है। जैसे-जैसे यहां पंजीकरण कराने वाले मरीजों की संख्या बढ़ेगी, विभाग यहां संसाधनों और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करेगा। केंद्र का विस्तार करते हुए 15 बेड का वार्ड बनेगा, जिसमें चिकित्सक के अलावा मनोचिकित्सक, काउंसलर और अन्य स्टाफ द्वारा नशा पीड़ितों का इलाज किया जाएगा।
हमारा प्रयास है कि नशे की दलदल में फंसे लोगों को समाज की मुख्यधारा से वापस जोड़ा जाए। अनुभवी स्टाफ की तैनाती के साथ अब यहां मरीजों को बेहतर परामर्श और दवाएं उपलब्ध होंगी।
डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस