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Open Gym: उपकरणों पर लगी बदहाली की जंग, कुछ चोरी हुए-कुछ बन गए कबाड़, सूख रहे कपड़े

Mon, 16 Feb 2026 10:48 AM IST
चमन शर्मा प्रशांत भारती, अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

जिन गांवों में ओपन जिम बनाईं गईं, वहां के प्रधान और ग्रामीणों ने भी इनकी देखरेख में कोई ध्यान नहीं दिया। इनका रखरखाव नहीं कराया जा सका। उपकरण खराब हो गए तो उनकी मरम्मत नहीं कराई गई।
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ग्राम पंचायत पवलोई की ओपन जिम के उपकरणों पर सूखते कपड़े - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस जिले में खूब खेलो-खूब बढ़ो मिशन को परवान चढ़ाने के लिए 25 ग्राम पंचायतों में ओपन जिम बनाए गए, जिस पर 75 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन आज इनके उपकरण जंग लगने से कबाड़ बन गए हैं, कुछ स्थानों पर तो चोरी हो गए। इनमें सेहत बनाने जाने वाले युवाओं का भी अब मोह भंग हो गया है।

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प्रत्येक जिम पर करीब तीन लाख रुपये खर्च किए गए थे। गांवों में भी फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए ट्विस्टर, लेग-प्रेस और चेस्ट-प्रेस जैसे उपकरण लगाए गए थे। दावा यह था कि ये उपकरण बिना बिजली के चलेंगे और मौसम की मार भी सह लेंगे, लेकिन अब ये उपकरण जंग लगने से खराब हो चुके हैं। उपकरणों पर कसरत करने का सही तरीका न जानने की वजह से भी कुछ उपकरण खराब हुए हैं। अब यहां युवाओं ने भी जाना बंद कर दिया है, जिन मैदानों में यह लगाए गए थे, वहां घास उग आई है।

ग्रामीणों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ओपन जिम बनवाए गए हैं। रखरखाव में कहां कमी रही, इसकी समीक्षा की जाएगी। रखरखाव बेहतर किया जाएगा। संबंधित ग्राम प्रधानों से इसमें सहयोग लिया जाएगा। सभी ग्राम पंचायतों में इन्हें फिर से क्रियाशील कराकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।-पीएन दीक्षित, सीडीओ।
जिम तो बनाया लेकिन उसकी देखभाल की व्यवस्था नहीं की गई, उपकरण खराब हो गए तो ठीक नहीं कराए गए।-संतोष, चुरसैन।
सारा सामान टूट गया, कुछ चोरी हो चुका है। अब जिम के नाम पर केवल कुछ खंभे बचे हैं।-शहनवाज, चुरसैन।
कुछ अराजक तत्व द्वारा सामान को तोड़ दिया गया है।पार्क में पशु बांधे जाते हैं, इस पर किसी का ध्यान नहीं है।-डाबर सिंह निवासी गांव पवलोई।

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पार्क में कपड़े सूखते हैं। पार्क की कोई चहारदिवारी नहीं कर रखी है। उपकरणों को शरारती लोगों ने तोड़ दिया है।-अशोक कुमार निवासी गांव पवलोई।

ग्राम पंचायत पवलोई की ओपन जिम में उपकरण का हाल - फोटो : संवाद
केस नंबर-1
पवलोई में उपकरणों पर सूख रहे हैं कपड़े
ग्राम पंचायत पवलोई में जिम के उपकरण कसरत के लिए नहीं, बल्कि ग्रामीणों के कपड़े सुखाने के स्टैंड बन चुके हैं। यहां शुरुआती कुछ दिन तो गांव के युवाओं ने कसरत की थी, लेकिन रखरखाव न होने के चलते बरसात में मैदान में घास उग आई और युवाओं ने जाना बंद कर दिया। उपकरण टूट चुके हैं। कुछ पाइपों पर कपड़े सूखाए जा रहे हैं।
केस नंबर-2
अल्लहैपुर चुरसैन में जर्जर हो चुके हैं सामान

ग्राम पंचायत अल्हैपुर चुरसैन में जिम के उपकरण जंग खाकर जर्जर हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत में बच्चों ने रुचि ली, लेकिन खराब होने के बाद किसी ने इनकी सुध नहीं ली। इस मैदान में घास उगी हुई है। ज्यादातर सामान चोरी हो चुका है। जो उपकरण हैं भी वे ठीक से काम नहीं करते, ऐसे में यहां व्यायाम करना मुश्किल है।
केस नंबर-3
मकनपुर में उपकरणों में लग चुकी है जंग

ग्राम पंचायत मकनपुर में मैदान में लगे एक्सरसाइज के सामानों पर जंग लग चुकी है। मैदान में घास उगी है। देखरेख न होने के कारण सभी सामान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई उपकरण जंग लगने से जाम हो गए हैं। शुरू-शुरू में काफी युवा यहां आते थे लेकिन अब वे भी नहीं आते।
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ग्राम पंचायत मनकपुर की ओपन जिम में जंग लगे उपकरण - फोटो : संवाद
ओपन जिम में लगाए गए थे यह उपकरण
  • अपर बॉडी : चेस्ट प्रेस, पुश अप बार, एब्स-ट्रेनर।
  • लोअर बॉडी : लेग-प्रेस, स्ट्रेचर, सी-राइडर।
  • फ्लेक्सिबिलिटी : ट्विस्टर, डबल ट्विस्टर, सिट अप बेंच।
  • लागत करीब--3,00,000 रुपये।

इस वजह सफल नहीं हो पाई योजना
  • मरम्मत का नहीं मिला बजट : मशीनों की स्थापना तो कर दी गई, लेकिन मरम्मत के लिए ग्राम पंचायतों को कोई अलग फंड नहीं दिया गया, जिम्मेदारी तय नहीं की गई।
  • सुरक्षा की कमी : ओपन जिम सार्वजनिक स्थानों पर हैं, जहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं और न ही घेराबंदी। इससे असामाजिक तत्वों ने मशीनों को नुकसान पहुंचाया।
  • प्रशिक्षक का अभाव : ग्रामीणों को पता ही नहीं चला कि किस मशीन का उपयोग कैसे करना है, जिससे गलत इस्तेमाल के कारण मशीनें जल्दी टूट गईं।

ग्रामीणों ने भी नहीं दिया ध्यान
जिन गांवों में ओपन जिम बनाईं गईं, वहां के प्रधान और ग्रामीणों ने भी इनकी देखरेख में कोई ध्यान नहीं दिया। इनका रखरखाव नहीं कराया जा सका। उपकरण खराब हो गए तो उनकी मरम्मत नहीं कराई गई।
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