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बहुत कठिन है डगर पाठशाला की: बदहाल रास्तों पर मासूम रोज दे रहे परीक्षा, शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार बेखबर

Sat, 22 Aug 2026 10:39 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों तक जाने वाले रास्तों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। नालियों की सफाई कराकर जल निकासी के पुख्ता इंतजाम हों ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंच सकें।
 
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कुंवरपुर और नगला प्राण के रास्तों का हाल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस जिले के ग्रामीण अंचल में बारिश के बाद बदहाल सड़कें और जलभराव मासूम बच्चों के भविष्य और सेहत पर भारी पड़ रहा है। स्कूलों तक पहुंचने वाले रास्ते कीचड़ और गंदे पानी से भरे पड़े हैं। इन रास्तों पर स्कूल तक आने-जाने के लिए बच्चों को रोज परीक्षा देनी पड़ रही है।

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ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों तक जाने वाले रास्तों की तत्काल मरम्मत कराई जाए। नालियों की सफाई कराकर जल निकासी के पुख्ता इंतजाम हों ताकि बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़ाई के लिए स्कूल पहुंच सकें।

केस-1 : कुंवरपुर में नाली सफाई न होने से जलभराव
गांव के मुख्य रास्ते पर जलभराव और कीचड़ के कारण कंपोजिट विद्यालय कुंवरपुर जाने वाले 206 बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में हालत बेहद विकट हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि नालियों की सफाई न होने से यह स्थिति बनी है। जल निकासी और गड्ढे भरवाने की मांग लंबे समय से अनसुनी है।

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नगला खिरनी और ओढ़पुरा का हाल - फोटो : संवाद
केस-2 : नगला खिरनी में 10 वर्ष से रास्ते पर भरा है गंदा पानी
ग्राम पंचायत परसारा के माजरा नगला खिरनी स्थित प्राथमिक विद्यालय का रास्ता पिछले 10 वर्ष से जलभराव की चपेट में है। लाढपुर जाने वाले इस मुख्य रास्ते से रोजाना 125 बच्चे गंदे पानी से गुजरकर स्कूल जाने के लिए मजबूर हैं। शिकायतों के बावजूद पंचायत स्तर से जल निकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया।

केस-3 : जंगला में फिसलकर गिर रहे बच्चे, चोट का खतरा
सादाबाद क्षेत्र के गांव जंगला में प्राथमिक विद्यालय जाने वाला रास्ता कीचड़ से पटा है। पिछले 10 वर्ष से जारी इस समस्या के कारण विद्यालय में पढ़ने वाले 65 बच्चों के फिसलकर गिरने और चोटिल होने का डर बना रहता है। बारिश में कपड़े खराब होना तो आम बात हो चुकी है।
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गंदे पानी से होकर स्कूल जाते कंपोजिट विद्यालय कुंवरपुर के विद्यार्थी - फोटो : संवाद
केस-4 : नगला प्राण में तीन वर्ष से नालियां ठप
सहपऊ क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नगला प्राण के रास्ते पर बीते तीन वर्ष से जलभराव है। स्थानीय लोगों के बार-बार शिकायत करने के बाद भी नालियों की सफाई नहीं कराई गई, जिससे 45 मासूम बच्चे गंदे पानी से होकर आने-जाने के लिए बेबस हैं।

केस-5 : ओढ़पुरा में पनप रहे मच्छर, फोन नहीं उठाते सभासद
मथुरा रोड स्थित ओढ़पुरा तिराहे के पास संविलियन विद्यालय ओढ़पुरा के गेट तक जाने वाला रास्ता पक्का नहीं है। पिछले चार साल से जमा पानी में मच्छर व कीटाणु पनपने से 54 बच्चों में संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के लिए स्थानीय सभासद को फोन करो तो वह कॉल रिसीव नहीं करते।
अगर इस तरह की शिकायतें हैं तो जांच कराकर समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।-राकेश बाबू, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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