गांव गिलोंदपुर निवासी पंजाबी सिंह ने पिछले साल डीएम व एसपी को शिकायत देकर कहा था करीब 30 साल पहले उनके पिता बुद्ध सिंह की हत्या कर दी गई थी। उनके शव को उनके दो भाइयों ने एक ग्रामीण के साथ मिलकर जमीन में दफना दिया था। घर में खोदाई की गई थी। वहां से एक नर कंकाल बरामद किया गया था।
मुरसान क्षेत्र के गांव गिलोंदपुर में करीब एक साल पहले घर के आंगन की खोदाई करके निकाले गए नर कंकाल की अभी तक जांच नहीं हो सकी है। 17 अक्तूबर को पंजाबी सिंह के ताऊ मिहीलाल, पंजाबी के भाई बस्तीराम और बहन रेखा का डीएनए सैंपल जिला अस्पताल में लिया गया, लेकिन प्रोफार्मा में गड़बड़ी के चलते इसे जांच के लिए नहीं भेजा जा सका। अब दिवाली के बाद फिर इन सभी के डीएनए का नमूना लिया जाएगा।
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गौरतलब है कि गांव गिलोंदपुर निवासी पंजाबी सिंह पिछले साल डीएम व एसपी को शिकायत देकर कहा था करीब 30 साल पहले उनके पिता बुद्ध सिंह की हत्या कर दी गई थी। उनके शव को उनके दो भाइयों ने एक ग्रामीण के साथ मिलकर जमीन में दफना दिया था।
पिछले साल 26 सितंबर को पंजाबी सिंह की शिकायत पर उनके बताए गए स्थान पर घर में खोदाई की गई थी। वहां से एक नर कंकाल बरामद किया गया था। पुलिस ने कंकाल का पोस्टमार्टम कराया था। कंकाल की पहचान के लिए पंजाबी सिंह के डीएनए का नमूना भी जांच के लिए भेजा गया था।
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पंजाबी सिंह का कहना है कि पुलिस ने उन्हें बताया है कि कंकाल से उनके डीएनए का मिलान नहीं हुआ है। इस कारण उनके ताऊ, दूसरे बेटे और बेटी के डीएनए का नमूना लिया गया है। मुरसान के कोतवाली निरीक्षक वीरेंद्र गिरी का कहना है कि प्रोफॉर्मा में तकनीकी दिक्कत आ गई है, इसलिए दिवाली के बाद फिर मृतक के भाई, दूसरे बेटे और बेटी के डीएनए का नमूना लिया जाएगा।