हरदोई। मुरादाबाद-लखनऊ रेलखंड पर मंगलवार शाम अचानक किए गए इंटरलॉकिंग कार्य ने यात्रियों की मुसीबतें बढ़ा दीं। बिना पूर्व सूचना के हुए इस तकनीकी कार्य के कारण आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर घंटों खड़ी रहीं। ट्रेनों के अचानक रोके जाने और देरी से चलने के कारण यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
हरदोई के पास कौढ़ा रेलवे स्टेशन के पास रेल समपार संख्या 287-88 पर सिग्नलिंग सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए इंटरलॉकिंग का काम किया गया। यह कार्य मंगलवार शाम करीब सात बजे शुरू हुआ और रात 8:30 बजे तक चला। अचानक हुए इस ब्लॉक को लेकर रेलवे ने इसकी कोई पूर्व सूचना जारी नहीं की थी। इस वजह से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इंटरलॉकिंग के चलते अप और डाउन दोनों दिशाओं में ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
इसमें हरदोई, कौढ़ा और आसपास के स्टेशनों पर ट्रेनें घंटों खड़ी रहीं। इन ट्रेनों में सद्भावना एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, जनसाधारण एक्सप्रेस, बरेली-प्रयागराज एक्सप्रेस और बेगमपुरा एक्सप्रेस जहां तहां खड़ी कर दी गईं। कई ट्रेनों को कॉशन मेमो के साथ धीमी गति से आगे बढ़ाया गया जिससे वे अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चल सकीं। सीनियर सेक्शन इंजीनियर पवन शर्मा ने बताया कि इंटरलॉकिंग कार्य सुरक्षा और सिग्नल प्रणाली में सुधार के लिए किया गया है। बताया कि भविष्य में ऐसे कार्य होने पर यात्रियों को पूर्व में सूचना देने का प्रयास किया जाएगा।
यात्रियों में रहा अफरा तफरी का माहौल
इंटरलॉकिंग कार्य के चलते ट्रेनें खड़ी होने पर यात्रियों को काफी परेशानियां उठानी पड़ीं। यात्रियों का कहना था कि यदि विभाग ने पहले से सूचना दी होती तो वे अपनी यात्रा के समय में बदलाव कर सकते थे। कई यात्री जरूरी काम से जा रहे थे जिन्हें इस अचानक आई बाधा से काफी नुकसान उठाना पड़ा। स्टेशन पर भी सूचना के अभाव में अफरा तफरी का माहौल रहा।