पिलखुवा। परतापुर रेलवे फाटक पर प्रस्तावित अंडरपास का निर्माण कार्य मंगलवार से शुरू हो गया है। लगभग तीन महीने तक यह फाटक बंद रहेगा। इसके चलते वाहन चालकों और राहगीरों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना होगा। इसमें छोटे वाहन बाजार के रास्ते और बड़े वाहन पबला रोड से निकल सकते हैं।
परतापुर रोड पर लंबे समय से अंडरपास या ओवरब्रिज की मांग उठाई जा रही थी। रेलवे फाटक के कारण प्रतिदिन हजारों वाहन और राहगीरों को लंबे जाम और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता था। विधायक धर्मेश सिंह तोमर के प्रयास के बाद अब अंडरपास का निर्माण कार्य मंगलवार से शुरू हो गया है। इसके साथ वैकल्पिक मार्ग के रूप में बाजार मार्ग का उपयोग होने से शहर में यातायात व्यवस्था ठप होना भी तय हैं।
देरी से शुरू हुआ निर्माण
अंडरपास का निर्माण कार्य 17 फरवरी 2025 से शुरू होने वाला था, लेकिन कई कारणों से कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया। रेलवे की तकनीकी टीम ने ऊपरी सर्वे कर लिया था, लेकिन जमीन के नीचे मौजूद कई चुनौतियों की जानकारी निर्माण शुरू होने के बाद हुई। अब रेलवे अंडरपास की ड्राइंग का हवाला देकर विलंब की समस्या को छिपाने की कोशिश कर रहा है।
निर्माण में प्रमुख चुनौतियां
- मोहल्ला प्रहलाद नगर, मोहल्ला गढ़ी और कृष्णगंज पश्चिम के करीब नौ हजार घरों का पानी रेलवे ट्रैक के नीचे से बहता है। खोदाई के दौरान पानी की निकासी की उचित व्यवस्था न होने पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
- सड़क की चौड़ाई सीमित है, निर्माण के दौरान वाहन और पैदल यात्री दोनों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण होगा।
- ट्रेन का संचालन बाधित न हो, इसके लिए खोदाई के दौरान सुरक्षा और ट्रैक के आसपास भीड़ का नियंत्रण बेहद जरूरी है।
कोट -
निर्माण में लगभग तीन माह का समय लगेगा। निर्माण शुरू होने के बाद छोटे वाहन बाजार मार्ग से और अन्य वाहन पबला रोड से अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। - विपिन त्यागी, सेक्शन इंजीनियर