गोंडा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाओं को पारदर्शी व नकलविहीन संपन्न कराने के लिए इस बार कड़े इंतजाम किए गए हैं। मूल्यांकन के बाद प्रयोगात्मक परीक्षा की कॉपियां एक वर्ष तक सुरक्षित रखी जाएंगी। साथ ही परीक्षा केंद्र से ही मोबाइल एप के माध्यम से अंक ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य किया गया है।
जिले के 512 माध्यमिक विद्यालयों में प्रयोगात्मक परीक्षाएं 24 जनवरी से एक फरवरी तक आयोजित होंगी। परीक्षकों को केंद्र के 200 मीटर के दायरे में रहकर ही अंक अपलोड करने होंगे। नैतिक शिक्षा, योग व खेल के अंक भी बोर्ड की वेबसाइट पर ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने बताया कि इन व्यवस्थाओं से परीक्षा प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय होगी।
15 सेक्टर मजिस्ट्रेट करेंगे निगरानी
प्रयोगात्मक परीक्षा की निगरानी के लिए खंड शिक्षाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, सीमा पांडेय, चंद्रभूषण पांडेय, मनीष कुमार सिंह, रियाज अहमद, हेमलता त्रिपाठी, नूतन जायसवाल, उपेंद्र कुमार तिवारी, शशांक कुमार सिंह, गीतांजलि, श्रवण कुमार तिवारी, हर्षित पांडेय, महेंद्र कुमार, सुशील कुमार सिंह व समय प्रकाश पाठक को जिम्मेदारी दी गई है।