स्थानीय गांव स्थित अतिप्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में बुधवार शाम मानस संघ की ओर से संत शिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास की जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने तुलसीदास के जीवन, साहित्यिक योगदान और सनातन संस्कृति के संरक्षण में उनकी भूमिका को याद किया। साथ ही उनके आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने गोस्वामी तुलसीदास के जीवन और कृतित्व पर प्रकाश डाला। वक्ता मृत्युंजय मिश्रा ने कहा कि तुलसीदास महान कवि होने के साथ ही भारतीय संस्कृति, भक्ति और लोकमंगल की चेतना को जन-जन तक पहुंचाने वाले संत थे। उन्होंने साहित्य के माध्यम से समाज को सत्य, धर्म, मर्यादा, करुणा, परोपकार और सदाचार का मार्ग दिखाया। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी से तुलसीदास के विचारों और रामचरितमानस के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया, ताकि समाज में संस्कार, सद्भाव और नैतिकता को मजबूती मिल सके। इस अवसर पर राजू उपाध्याय, श्रवण कुमार राय, अमित पांडेय, मनीष राय, गिरजा पांडेय, बब्बन राय, बबलू पांडेय आदि मौजूद रहे।