फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: डीएम के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं का धरना 14वें दिन भी जारी

विज्ञापन
सदर रजिस्ट्री कार्यालय पर धरना प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी करते दस्तावेज लेखक व अधिवक्ता। संवाद
विज्ञापन
जिलाधिकारी की ओर से भूमि बैनामे में अंश निर्धारण की जांच अनिवार्य किए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार और धरना बुधवार को 14वें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस व्यवस्था से रजिस्ट्री की प्रक्रिया जटिल हो गई है, जिससे क्रेता और विक्रेता दोनों को परेशानी उठानी पड़ेगी।
विज्ञापन

कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शशिकांत सिंह यादव ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश के विरोध में अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने 14 अगस्त को शहर के गोराबाजार स्थित लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क और पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें आदेश से क्रेता और विक्रेताओं को होने वाली समस्याओं से अवगत कराया था। इस पर राज्यमंत्री ने पूर्व की तरह रजिस्ट्री की प्रक्रिया संचालित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जिले की सभी तहसीलों के बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी। हालांकि, बैठक का भी कोई सार्थक नतीजा नहीं निकल सका। बैनामा दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने आदेश को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि प्रत्येक बैनामे से पहले अंश निर्धारण की जांच अनिवार्य किए जाने से लोगों को जमीन की रजिस्ट्री कराने में अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस मौके पर संजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार पांडेय, रजा जमाल जैदी, गजेंद्र प्रसाद गुप्ता, सतीश यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें