देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में सोमवार को 2500 मरीजों ने मेडिकल काॅलेज में इलाज कराया। ओपीडी से लेकर औषधि काउंटर तक हर जगह लंबी कतार रही। मरीजों को डॉक्टर तक पहुंचने में एक से दो घंटे तक लग गए। मरीज पहले दिखाने के लिए कतार में आगे निकलने की कोशिश में धक्का-मुक्की करते दिखे। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित किया।
मेडिकल काॅलेज के बाल रोग विभाग में 215 स्त्री व प्रसूति रोग में 200, मेडिसीन रोग विभाग की ओपीडी में 400, चर्म रोग में 350 और टीबी व श्वास रोग में 96 मरीजों ने डॉक्टर को दिखाया। सर्जरी में 150, दंत रोग में 90, नेत्र रोग में 300, हड्डी रोग में 500 रोगियोंं ने इलाज कराया।
मेडिकल काॅलेज में सुबह से पंजीकरण से लेकर ओपीडी काउंटर तक रोगियों की कतार लगी रही। सुबह पंजीकरण काउंटर पर लोग पर्ची बनवाने के लिए कतार में लगे रहे।
आभा आईडी से पर्ची बनवाने की वजह से यहां जल्दी काम निपट गया। इसके बाद ओपीडी में नंबर लगाया। यहां हर ओपीडी के सामने भीड़ रही। मेडिसीन विभाग की ओपीडी के सामने गैलरी तक कतार लगी रही। यहां मरीज पहले दिखाने के चक्कर में धक्का मुक्की करते रहे।
यहां रामगुलाम टोला निवासी अजय 45 मिनट से कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। नंबर आने में देरी पर झुंझला उठे। उन्होंने कहा कि बगल से घुसने वालों से नंबर आने में देरी हो रही है। इसी तरह नाक, कान, गला रोग विभाग के सामने कतार में खड़े भुजौली काॅलोनी के आयुष ने बताया कि 1:30 घंटे से लाइन में खड़े हैं। अभी 20 आदमी आगे हैं। पता नहीं कब नंबर आएगा।
हड्डी रोग विभाग के सामने लाइन में खड़े भाटपाररानी से आए अमन यादव काफी परेशान थे। उन्होंने कहा कि बगल से घुसने वाले न हों तो किसी मरीज को कोई दिक्कत नहीं होगी। सभी को समय से डॉक्टर को दिखाने का अवसर मिल जाएगा। वहीं बृजेश प्रजापति ने बताया कि मेडिकल काॅलेज में इलाज कराना किसी मुश्किल से कम नहीं है लेकिन यहां नहीं तो कहां जाएं।
मेडिकल काॅलेज औषधि काउंटर पर भी भीड़ रही। लोगों को इलाज कराने के बाद दवा लेने में दिक्कत हुई। सीएमएस डॉ. एचके मिश्र ने बताया कि मरीजों को सुविधा देने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। मेडिकल काॅलेज में संसाधन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अगर कोई शिकायत है तो मेरे कक्ष में आकर संपर्क कर सकते हैं।