देवरिया/बरहज। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या को उनकी ससुराल जनकपुर से जोड़ने के लिए बन रहे रामजानकी मार्ग के निर्माण में मानकों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है।
कहीं सड़क से सटाकर नाला बना दिए गए तो कहीं सड़क से उतरने के लिए जगह नहीं छोड़ी गई है। डिवाइडर में कट छोड़ दिया है। ओवरब्रिज का भी काम अधूरा है।
बारिश होते ही जगह-जगह नई सड़क पर पानी रुकने लगा है। इससे इस मार्ग पर आवागमन कठिन हो गया है।
लोगों का कहना है कि सड़क जब पूरी तरह से चालू होगी, तब ये छोटी-छोटी दिक्कतें बड़ी तकलीफ की वजह बनेंगी। इस मार्ग का निर्माण करा रहे अभियंताओं का तर्क है कि सड़क अपनी डिजाइन और मानक के अनुरूप बन रही है। बरहज संवाद के अनुसार, रामजानकी मार्ग (एनएच 227ए) जकपरवार स्थित उग्रसेन सेतु से शुरू होकर कुंडौली-मेहरौना बाॅर्डर तक है।
इस सड़क के चौड़ीकरण के दौरान कई जगह ऊपरी सतह के मलबे को हटाकर दोबारा उसे ही रिफाइन कराकर बिछवा रहे हैं। वाहनों के दबाव से जगह-जगह सड़क धंस जा रही है।
इसी वजह से कपरवार चौराहे से नौका टोला तक करीब दो किमी तक सड़क बनाने के साथ ही उसे तोड़कर दोबारा मरम्मत करना पड़ रहा है। जलनिकासी के लिए आबादी वाले क्षेत्रों में सड़क के दोनों तरफ पटरियों पर नाला निर्माण कराया जा रहा है।
ज्ञानेश्वर सिंह, नुरूल अंसारी, सरवन मिस्त्री आदि का कहना है कि कपरवार चौराहे पर जिम्मेदारों ने पुराने नाला को छोड़कर सड़क से सटे नया नाला बनवा दिया है।
इस नए नाले का बहाव सही नहीं होने के कारण पानी सड़क पर रुक रहा है। इतना ही नहीं नौकाटोला तक तीन, बेलडाॅड़, बरहज पेट्रोल पंप के निकट सहित छह जगहों पर सड़क जगह-जगह अधूरी है।
रूट डायवर्जन के लिए लगे ड्रम से हादसे का खतरा : कपरवार के बरहज के बीच सड़क पर डिवाइडर बनाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि डिवाइडर बनाने के दौरान गैप छोड़ दिए गए हैं।
दोनों तरफ से आने-जाने वाली गाड़ियों के चालक अचानक सामने गाड़ी देखकर घबरा जा रहे हैं। इससे दुर्घटना का खतरा रहता है।