चित्रकूट। दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर जिला न्यायाधीश ने एक दोषी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी। साथ ही उस पर 18 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। न्यायाधीश ने यह सजा सात साल पुराने मामले में सुनाई।
पहाड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 10 अक्तूबर 2017 को वह अपने खेत गई थी। दोपहर करीब 11 बजे बच्छराज साहू उसके पास खेत पहुंचा और दुष्कर्म करने का प्रयास करने लगा, विरोध करने पर गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इससे वो चुप हो गई और आरोपी ने दुष्कर्म किया। बाद में उसने परिजनों को घटना की जानकारी दी। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के रिपोर्ट दर्ज की।
इस मामले में एसआई प्रेमचंद्र यादव ने 12 अक्तूबर को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। विवेचक ने मामले की विवेचना कर पांच जनवरी 2018 को आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट में पक्ष व विपक्ष दोनों की दलीलें सुनने के बाद फास्ट ट्रैक के अपर जिला न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव ने आरोपी को दोषी करार दिया। बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने बच्छराज साहू को 10 साल की सजा सुनाई।