संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। खिरनी की विवादित जमीन को लेकर अदालत में चल रहे केस की सुनवाई अब सात मई को होगी। इसमें मंगलवार को बहस होनी थी, मगर एक पक्ष की ओर से दूसरे वकील का वकालतनामा पेश किया। जिस पर अदालत ने तारीख दे दी। उधर प्रशासन की मौजूदगी में खेत में खड़ी गन्ने की फसल को काटा जाने लगा है।
गांव खिरनी में स्थित 12 बीघा जमीन पर किसान सुधीर कर्णवाल अपना हक जताते हैं। जबकि भाकियू अराजनैतिक के ब्लॉक अध्यक्ष की बेटी संगीता अपना दावा कर रही है। यह मामला जिले में चर्चाओं में बना हुआ है। सुधीर कर्णवाल के पक्ष में पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पैरवी में लगे हैं। संगीता के पक्ष में भाकियू अराजनैतिक खड़ी है। इस मामले में किसान नेता दिगंबर सिंह पंचायत तक कर चुके थे।
भाकियू अराजनैतिक ने उक्त जमीन पर खड़े गन्ने को काटने का ऐलान कर दिया था। जिसके बाद प्रशासन ने उक्त जमीन को कुर्क करते हुए सोमवार को खेत पर लाल झंडी लगा दी।
अब मंगलवार को प्रशासन की मौजूदगी में गन्ने की फसल काटी जाने लगी। साथ ही अदालत में इस जमीन के केस में मंगलवार को बहस होनी थी। मगर संगीता पक्ष की ओर से वकील बदलकर किसी अन्य अधिवक्ता का वकालत नामा पेश कराया गया, जिसके चलते बहस नहीं हो सकी और सुनवाई की तारीख सात मई नियत की गई है।