सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के लिए जनवरी 2026 में नाै पुलिस चाैकियां बनाई गईं। कहीं कागज में पुलिस चौकी चल रही है तो कहीं चाैकी पर ताले 24 घंटे चाैकीदारी कर रहे हैं।
इससे क्षेत्र के लोगों को थाने पर जाना पड़ रहा है। शनिवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने सीमा से सटे सात पुलिस चौकियों की पड़ताल की। इसमें पांच चाैकी पर पर ताले लटके मिले। एक का बोर्ड गायब था। भदोही के तुलसीचक में अभी तक चाैकी के लिए भवन ही नहीं चिह्नित हो सका है।
भदोही का क्षेत्रफल 1015 वर्ग किलोमीटर है। 20 लाख की आबादी वाले जिले में 10 थाने और 20 चौकियां पहले से थीं। जनवरी 2026 में तत्कालीन एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने अपराध पर अंकुश लगाने के लिए प्रयागराज, जौनपुर, वाराणसी और मिर्जापुर सीमा पर नौ नई पुलिस चौकियों को सृजित किया।
यहां प्रभारियों की तैनाती भी कर दी गई लेकिन कुछ दिन बाद ही चौकियों पर ताले लटक गए। यहां पर न तो पुलिसकर्मी दिखते हैं और न ही प्रभारी। टीम ने सुरियावां के चौगना, अभियां, दुर्गागंज के कुढ़वा, भदोही के तुलसीचक, विठौली, मूंसीलाटपुर, गोपीगंज के मंडी समिति, बिंद नगर चौकी की पड़ताल की। इसमें मूंसीलाटपुर पर एक होमगार्ड मिला जबकि अन्य सभी पर ताले लटके मिले। हाईवे के बाबूसराय, उगापुर में कर्मी तैनात दिखे। सबसे संवेदनशील चौगना पुलिस चौकी जौनपुर की सीमा पर वरूणा नदी के किनारे बनाई गई है।
अभियां बाजार में चार मई 2026 को दुकानदार के साथ मारपीट की घटना हुई। चौकी पर पुलिसकर्मी के न होने से हमला करने वाले भाग गए। थाने पर शिकायत के बाद भी कई दिनों तक कार्रवाई नहीं हो सकी।
मंगुरा गांव के सुनील कन्नौजिया के परिवार में जमीन के विवाद में दो मई को मारपीट हो गई। परिवार वाले चौगना चौकी गए, कोई नहीं मिला।