बस्ती। यूपी बोर्ड की ओर से फरवरी के प्रथम सप्ताह से प्रस्तावित इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षा की कॉपियों को एक साल तक सुरक्षित रखा जाएगा। इस संबंध में डीआईओएस ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य को निर्देश दिया है।
ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि प्रयोगात्मक परीक्षाओं में लापरवाही और अनियमितताओं की शिकायत आने पर फिर से कॉपी की जांच की जा सके। इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने इस बार व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया है। इससे पारदर्शिता भी बनी रहेगी। प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष, प्रयोगशाला और मूल्यांकन स्थल पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
इसके अलावा परीक्षार्थियों की उपस्थिति, प्रश्नपत्र वितरण, मूल्यांकन प्रक्रिया और अंक अपलोड करने तक की प्रक्रिया का विधिवत रिकॉर्ड रखा जाएगा। डीआईओएस संजय सिंह ने बताया कि प्रयोगात्मक परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं, उपस्थिति पत्रक और अन्य संबंधित दस्तावेजों को एक साल तक सुरक्षित रखा जाएगा। संवाद