बस्ती। स्पेशल जज गैंगस्टर कोर्ट/एफटीसी प्रथम विराट शिरोमणि की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में धर्मेंद्र गुप्ता उर्फ गुनगुन उर्फ भगवानदास निवासी लजघटा, थाना छावनी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 31 जुलाई 2016 को छावनी थाने के तत्कालीन निरीक्षक अनिल सिंह पुलिसकर्मियों के साथ सरकारी जीप से गश्त पर थे। इसी दौरान सूचना मिली कि धर्मेंद्र गुप्ता, राजकुमार यादव निवासी मधुकर, थाना परशुरामपुर, कमलेश मांझी निवासी कौशिल्याघाट, थाना रामजन्मभूमि, अयोध्या और सोनू पाठक उर्फ रामगोपाल निवासी कलानीखुर्द, पाठक का पुरवा, थाना छावनी का एक संगठित गिरोह है।
आरोप था कि गिरोह के सदस्य अपने और साथियों के आर्थिक एवं भौतिक लाभ के लिए आपराधिक कृत्यों के जरिये धन अर्जित करते हैं। गिरोह के भय और उसकी आपराधिक गतिविधियों से आम लोगों, खासकर व्यापारियों में भय का माहौल था। इस आधार पर चारों के खिलाफ छावनी थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने विवेचना के बाद धर्मेंद्र गुप्ता के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। एडीजीसी राम प्रकाश दुबे ने अभियोजन की ओर से पक्ष रखते हुए गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने धर्मेंद्र गुप्ता को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। मामले के तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन है।